सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: एम्पलाईज के अचीवमेंट्स को सेलिब्रेट करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आईसेक्ट समूह द्वारा एस्पायर अवॉर्ड का आयोजन होटल ताज में आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर और इंटरनेशनल बिजनेस कोच उज्जवल पाटनी का “मास्टरक्लास फॉर पीक परफॉर्मेंस” विषय पर सेशन का आयोजन किया गया| जिसमें उन्होंने सफलता के कई मंत्र सभी के साथ साझा किए।

उन्होंने कोर (C.O.R.E) लीडर स्ट्रैट्जी के जरिए बताया कि एक संस्थान अपने अच्छे एम्पलाइज में चार बातों को खोजता है जिसमें पहली है – कमीटेड टू कंपलीशन यानी ऐसे एम्पलाइज जो कार्य को पूरा करने की सोच रखें न कि टाल मटोल करे, दूसरी – ऑर्गनाइजेशन फर्स्ट यानी ऐसे एम्पलाइज संस्थान में हमेशा तरक्की करते हैं जो संस्थान को फर्स्ट प्रायोरिटी पर रखते हैं, तीसरा – रोल मॉडल फॉर अदर्स यानी जीवन इस प्रकार जिएं कि बाकियों के लिए प्रेरणा बन जाएं, चौथा – एक्सीलेंस ओरियंटेड यानी कार्य को बेहतर से बेहतरीन तरीकों से करने की सकारात्मक सोच रखने वाले।

साथ ही उज्जवल पाटनी ने सफलता की 12 आदतें भी साझा की जो कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में अपनाए तो वह सफलता जरूर पाएगा। इन आदतों में दिन की शुरुआत आभार से करें, जो पाना चाहते हैं उसके लिए रोज प्रार्थना करें, दिन के कार्यों को प्रायोरटाइज करें, स्वयं को श्रेष्ठतम तरीके से दूसरों के सामने रखें जिसमें अपनी पर्सनेलिटी से लेकर ड्रेस अप को बेहतर रखने का प्रयास हो, स्वयं का सेल्फ ऑडिट रोज करें, प्रत्येक दिन एक नया गोल बनाएं और पूरा करने का प्रयास करें, द एक्स्ट्रा माइल लीडर, द ओनरशिप मेंटेलिटी लीडर्स, द कस्टमर सेंट्रिक लीडर और द टीम बिल्डर लीडर।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत आईसेक्ट के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट सिद्धार्थ चतुर्वेदी के स्वागत वक्तव्य से हुई।

उन्होंने अपने वक्तव्य में आईसेक्ट की 38 साल की यात्रा का जिक्र करते हुए भविष्य की संभावनाओं की बात की। उन्होंने देशभर से आए आईसेक्ट के सभी एम्पलाईज को धन्यवाद दिया एवं आज सम्मानित होने वाले साथियों को शुभकामनाएं दीं। वहीं, आईसेक्ट समूह के चेयरमैन संतोष चौबे ने अपने वक्तव्य में कहा कि आईसेक्ट की यात्रा 6-7 लोगों के साथ शुरू हुई थी, आज यह यात्रा 2500 से अधिक साथियों तक पहुंच गई है।

इन्हीं साथियों की मदद से हमने सभी कठिनाइयों को पार किया है। यहां तक की कोविड के मुश्किल समय को पार किया है। इस वर्ष हमने एसजीएसयू के रूप में छठवें विश्वविद्यालय की शुरुआत की है, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में हिंदी का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बना रहे हैं जो भारतीय संस्कृति के लिए कार्य करेगा। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में आईसेक्ट के नॉर्थ ईस्ट और दक्षिण भारत से आए साथियों का विशेष स्वागत किया जहां आईसेक्ट तेजी से अपने कार्य का विस्तार कर रहा है।