सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: एम्स भोपाल में मेडिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (एमआईसीयू) के डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की समर्पित टीम ने पिछले महीने में एल्युमीनियम फॉस्फाइड के जहर से प्रभावित पांच में से तीन रोगियों की सफलतापूर्वक जान बचाकर उन्हें नया जीवन प्रदान किया।

एल्युमीनियम फॉस्फाइड जैसे घातक जहर से बचना लगभग नामुमकिन होता है । एम्स भोपाल ने कंटीन्यूअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (सीआरआरटी) के द्वारा इस घातक जहर के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक सफलता प्राप्त की है । एम्स एमआईसीयू के डॉक्टर इस बात पर जोर देते हैं कि सीआरआरटी को जितनी जल्दी हो सके शुरू करने से एल्यूमिनियम फॉस्फाइड के इलाज में अभूतपूर्व सफलता मिल सकती है। जीवित बचे लोगों में एक 17 वर्षीय महिला, एक 20 वर्षीय पुरुष और एक 44 वर्षीय व्यक्ति शामिल हैं। ये सभी मरीज जहर खाने के 12 घंटे के भीतर एम्स में इलाज के लिए लाये गए थे ।

इन रोगियों में गंभीर मेटाबॉलिक एसिडोसिस था, जिसका पीएच स्तर 7.0 से नीचे था और सीरम लैक्टेट का स्तर 20mmol/L की सीमा में था।
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह ने अथक परिश्रम और अटूट प्रयासों के लिए टीम को हार्दिक बधाई दी। सिंह ने इस उपलब्धि के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “एल्यूमीनियम फॉस्फाइड विषाक्तता के इलाज में सफलता हमारी चिकित्सा टीम के समर्पण और विशेषज्ञता का प्रमाण है।”