सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: एम्स भोपाल ने अपना 12वां स्थापना दिवस अटल बिहारी वाजपेई ऑडिटोरियम में बड़े उत्साह और गौरव के साथ मनाया। मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव की अपरिहार्य अनुपस्थिति के बावजूद उनकी हार्दिक शुभकामनाएं एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर (अजय सिंह को दी गईं।

डॉ. मोहन यादव ने प्रोफेसर अजय सिंह के नेतृत्व में एम्स भोपाल की परिवर्तनकारी क्षमता के प्रति आशावाद व्यक्त किया। उन्होंने ‘एक राज्य एक स्वास्थ्य नीति’ को लागू करने की दिशा में सहयोगात्मक प्रयासों की आशा व्यक्त की, जिसका लक्ष्य इस परिवर्तनकारी पहल में मध्य प्रदेश को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है।

अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रोफेसर अजय सिंह ने पिछले डेढ़ साल में संस्थान की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की। एम्स भोपाल ने पिछले डेढ़ वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति देखी है, जिसमें किडनी और अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण, एक ट्रांसजेंडर क्लिनिक, किशोर क्लिनिक की स्थापना, ड्रोन द्वारा दूरदराज के क्षेत्रों में दवाओं की डिलीवरी और डिजिटल स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण वृद्धि जैसे मील के पत्थर शामिल हैं।
उपलब्धियों की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं: ओपीडी रोगियों में 56% की वृद्धि, आपातकालीन मामलों में 170% की वृद्धि, और आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों में 53% की वृद्धि। बिस्तर अधिभोग में 62% से 77% तक उल्लेखनीय सुधार। एम्स भोपाल सभी एम्स संस्थानों के बीच डेटा लिंकेज और डिजिटलीकरण में अग्रणी है।

एम्स भोपाल के अध्यक्ष सुनील मलिक ने कहा कि पिछले डेढ़ सालों में एम्स भोपाल ने प्रोफेसर (डॉ) अजय सिंह के नेतृत्व में काफी तरक्की की है। हमें प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। स्थापना दिवस भाषण लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रो. निशि पांडे द्वारा दिया गया । हम मरीज के प्रति पूरे समर्पण के साथ काम करें। सरकार जितना पैसा आज आपको डॉक्टर बनाने में खर्च करती है आपको भी आज यह देखने की जरूरत है कि आप समाज को किस तरह से अपनी सेवाएं दे सकते है। डॉ. अनिल जैन, माननीय सांसद , राज्यसभा, ने इस अवसर पर सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित होकर अनुकरणीय मानक स्थापित करने में एम्स भोपाल की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम निस्वार्थ भाव से कार्य करें। हमारा केवल एक ही उद्देश्य होना चाहिए कि हम मरीज को किस प्रकार से ठीक कर सकते हैं।

उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में प्रोफेसर अजय सिंह के मार्गदर्शन में भविष्य में यह संस्थान नई ऊंचाइयां हासिल करेगा ।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों और व्यक्तियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उत्कृष्टता पुरस्कार भी प्रदान किये गए :सर्वोत्तम नैदानिक विभाग: सामान्य चिकित्सा, सर्वश्रेष्ठ सर्जिकल विभाग: प्रसूति एवं स्त्री रोग,सर्वश्रेष्ठ पैरा क्लिनिकल विभाग: फिजियोलॉजी,सर्वश्रेष्ठ अस्पताल वार्ड: मनोरोग,सर्वश्रेष्ठ सहायक नर्सिंग अधीक्षक: डॉ. दिगपाल सिंह चूड़ावत, सर्वश्रेष्ठ वरिष्ठ, नर्सिंग अधिकारी: श्री सुनील कुमार टेलर, सर्वश्रेष्ठ नर्सिंग अधिकारी: श्री योगेश अग्रवाल, सर्वश्रेष्ठ ग्रुप ए कर्मचारी: श्री मोहित कुमार, सर्वश्रेष्ठ ग्रुप बी कर्मचारी: श्री सुबोध सक्सेना,सर्वश्रेष्ठ ग्रुप सी कर्मचारी: श्री नाज़िम, सर्वश्रेष्ठ हाउसकीपिंग स्टाफ: सुश्री रुक्मिणी,कार्यपालक निदेशक का प्रशंसा पुरस्कार : प्रोफेसर शशांक पुरवार, प्रोफेसर देबासिस विश्वास, श्री वीरेंद्र सोलंकी, श्री अभिषेक प्रताप सिंह, श्री शिवांक त्यागी और श्री कृष्णा को दिया गया।

इस अवसर पर “वन स्टेट – वन हेल्थ” को लेकर तैयार किए गए श्वेत पत्र का भी विमोचन किया गया। साथ ही एम्स भोपाल की पत्रिका फ्यूचर हेल्थ का भी विमोचन हुआ।