सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एम्स भोपाल के प्रोफेसर जयंती यादव, दिव्यभूषण वार्ष्णेय (एसआर), और मृणाल पटनायक (जेआर), फोरेंसिक चिकित्सा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए 20 नवंबर से 24 नवंबर, 2023 तक सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में होने वाले 23वें त्रैवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय फोरेंसिक साइंसेज सम्मेलन (आईएएफएस 2023) में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगें। प्रोफेसर जयंती यादव सर्पदंश के रूप में प्रच्छन्न मामलों का विश्लेषण प्रस्तुत करेंगी |

जिसका उद्देश्य अक्सर सर्पदंश के मामलों से जुड़ी जटिलताओं और गलत व्याख्याओं को उजागर करना होगा। वह आकस्मिक निष्कर्षों की जटिलताओं की खोज में मेडिकोलीगल ऑटोप्सी के उपयोग को भी प्रस्तुत करेंगी, जिसका उदाहरण फुफ्फुस आसंजन मामलों में तपेदिक की उपस्थिति है। दिव्य भूषण वार्ष्णेय “पोस्टमार्टम सीएसएफ 5-हाइड्रोक्सी इंडोल एसिटिक एसिड (5-एचआईएए) स्तर का अध्ययन और आत्मघाती मौतों में मनोवैज्ञानिक शव परीक्षण के साथ इसके सहसंबंध” पर प्रस्तुत देंगे।

यह शोध आत्महत्या से होने वाली मौतों के मामलों में जैव रासायनिक मार्करों और मनोवैज्ञानिक शव परीक्षण के बीच संबंध का पता लगाता है। मृणाल पटनायक अलग-अलग पोस्टमार्टम अंतराल के साथ शवों से प्राप्त शुक्राणुओं की व्यवहार्यता का पता लगाएंगे, जिससे फोरेंसिक जीवविज्ञान की समझ में योगदान मिलेगा।
पटनायक और वार्ष्णेय को उनके असाधारण योगदान के लिए IAFS (ऑस्ट्रेलिया), आईसीएमआर, एसईआरबी और एमपीसीएसटी से अनुदान प्राप्त हुआ है।

फोरेंसिक मेडिसिन विभाग, अरनीत अरोड़ा, प्रोफेसर एवं एचओडी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। प्रतिभागियों ने एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया हैं, जो न केवल एम्स भोपाल के डॉक्टरों को ऐसे प्रयासों के लिए प्रेरित करते हैं बल्कि प्रोत्साहित भी करते हैं।