आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : विधानसभा चुनाव लड़ रहे 2533 उम्मीदवारों में से 727 उम्मीदवार करोड़पति हैं। यह कुल प्रत्याशियों का 29 प्रतिशत है जो वर्ष 2018 के चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के मुकाबले पांच प्रतिशत ज्यादा है। इनमें बुधनी से चुनाव लड़ रहे अब्दुल रशीद कांग्रेस 82, लहार से चुनाव मैदान में उतरे रसाल सिंह बीएसपी 81 साल के हैं।
पिछले चुनाव में 24 प्रतिशत प्रत्याशी करोड़पति थे। इनमें से तीन ऐसे प्रत्याशी हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति सबसे ज्यादा घोषित की है। इसमें भाजपा के चैतन्य काश्यप 296 करोड़, संजय सत्येंद्र पाठक 242 करोड़ और कांग्रेस के संजय शुक्ला 217 करोड़ के नाम हैं। प्रदेश के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.89 करोड़ रुपए है जो 2018 की औसत संपत्ति 1.73 करोड़ से ज्यादा है।
इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
इसका खुलासा एडीआर और मध्यप्रदेश इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में किया गया है। इस संस्था की ओर से पूर्व डीजीपी अरुण गुर्टू, चंद्रकांत नायडू, राकेश दीवान, रोली शिवहरे, प्रशांत दुबे ने बताया कि सभी राजनीतिक दल धनी उम्मीदवारों को टिकट देते हैं। इसलिए चुनाव में धनबल प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आता है। चुनाव नामांकन के दौरान पेश किए गए शपथ पत्र के आधार पर तैयार की गई इस रिपोर्ट में औसत संपत्ति के जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके अनुसार कांग्रेस के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 13.69 करोड़ रुपए है जबकि बीजेपी के उम्मीदवार की औसत संपत्ति 10.46 करोड़ रुपए है। आप की औसत संपत्ति 2.76 करोड़, बसपा की 1.96 करोड़ रुपए बताई गई है।
इस दल के इतने उम्मीदवार करोड़पति
बीजेपी-200 (87 प्रतिशत)
कांग्रेस -196 (85 प्रतिशत)
आम आदमी पार्टी -39 (59 प्रतिशत)
बसपा-54 (30 प्रतिशत)
इनके पास एक हजार और इनकी संपत्ति शून्य
एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार निर्दलीय प्रमिला बैगा, राजू खान और विन्ध्य जनता पार्टी के उम्मीदवार विक्रम बैगा ने अपने संपत्ति एक हजार रुपए बताई है वहीं 12 प्रत्याशियों ने अपनी संपत्ति शून्य बताई है। इनमें से कोई राष्ट्रीय दल के नहीं हैं। इसके साथ ही 6 प्रत्याशियों ने अपना पैन कार्ड तो बताया है पर संपत्ति शून्य बताई है।
इन्होंने सबसे अधिक देनदारी बताई
विधानसभा चुनाव के लिए कुल 1110 (44 प्रतिशत )उम्मीदवारों ने अपनी देनदारी बताई है जिसमें सबसे ज्यादा देनदारी बताने वाले तीन कैंडिडेट्स में बैतूल से निलय विनोद डागा ने कुल संपत्ति 177 करोड़ बताते हुए 86 करोड़ की देनदारी बताई है। तेंदूखेड़ा के संजय शर्मा ने 212 करोड़ संपत्ति बताकर 84 करोड़ और इंदौर एक से संजय शुक्ला ने 217 करोड़ बताकर 63 करोड़ की देनदारी सार्वजनिक की है।
टिकट मिलने में महिलाओं को पिछले चुनाव से मामूली बढ़त
एडीआर की रिपोर्ट में बताया गया है कि महिला सशक्तिकरण के तमाम दावों के बाद भी राजनीतिक दल महिलाओं को टिकट देने में पीछे हैं। इस चुनाव में 252 महिला प्रत्याशियों का प्रतिशत हालांकि पिछले 2018 के चुनाव में उतरीं महिलाओं 235 (9 प्रतिशत) से मामूली ही ज्यादा है। इस बार दस प्रतिशत टिकट दिए गए हैं। इसमें सबसे अधिक आम आदमी पार्टी ने 11 प्रत्याशी (17 प्रतिशत), सपा ने 11 उम्मीदवार (15 प्रतिशत), कांग्रेस ने 30 प्रत्याशी (13 प्रतिशत), बसपा ने 21 कैंडिडेट (12 प्रतिशत), बीजेपी ने 27 (12 प्रतिशत) महिला कैंडिडेट चुनाव में उतारे हैं। सिर्फ बीजेपी और कांग्रेस ही ऐसे दल हैं जिन्होंने सभी 230 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं।
28 कैंडिडेट अनपढ़, 6 ने जानकारी नहीं दी
रिपोर्ट की एनालिसिस में बताया गया कि कुल उम्मीदवारों में से 28 ऐसे हैं जिन्होंने खुद को अनपढ़ घोषित किया है। इसके साथ ही 134 ऐसे कैंडिडेट हैं जो पढ़ लेते हैं। 1233 यानी 49 प्रतिशत प्रत्याशी 5वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़े हैं। इसके साथ ही 1105 प्रत्याशी यानी 45 प्रतिशत स्नातक और उससे अधिक शिक्षा प्राप्त हैं। 28 ने खुद को डिप्लोमा होल्डर बताया है तो छह ने इसकी जानकारी ही नहीं दी है।
शिवराज के विरुद्ध लड़े अब्दुल रशीद सबसे वृद्ध
रिपोर्ट में कहा गया है कि 952 कैंडिडेट्स (38 प्रतिशत) की उम्र 25 से 40 साल के बीच है तो 1252 प्रत्याशी (49 प्रतिशत) की आयु 41 से 60 साल है। 328 उम्मीदवार 61 से 80 साल के हैं और दो ने अपनी उम्र 80 साल से ज्यादा बताई है। इनमें बुधनी से चुनाव लड़ रहे अब्दुल रशीद कांग्रेस 82, लहार से चुनाव मैदान में उतरे रसाल सिंह बीएसपी 81 साल के हैं। वहीं मुरैना से मुरारी लाल मित्तल कांग्रेस 80, गुढ़ से नागेंद्र सिंह बीजेपी 80 तथा नागौद से नागेंद्र सिंह बीजेपी 80 साल के हैं। चुनाव में 25 साल की उम्र वाले 18 कैंडिडेट चुनाव मैदान में हैं जिसमें आम आदमी पार्टी और बसपा के दो-दो कैंडिडेट शामिल हैं।