सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल द्वारा “रसायन की किरण: खोजें, प्रयोग करें, प्रेरित हों” विषय पर आयोजित आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे की 164वीं जयंती का द्वितीय एवं अंतिम दिवस उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस दो दिवसीय आयोजन का उद्देश्य छात्रों और आम जनता में रसायन विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं को वैज्ञानिक करियर के लिए प्रेरित करना था।
दूसरे दिन आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल थे: रसायन कार्यशाला: “दैनिक जीवन में विज्ञान” विषय पर आधारित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों ने स्वयं छोटे-छोटे रोचक प्रयोग किए, जिनके माध्यम से उन्होंने यह समझा कि रसायन विज्ञान हमारे रोज़मर्रा के जीवन में कैसे कार्य करता है। विज्ञान प्रदर्शन – केमिकल क्यूरियोसिटी: छात्रों और आम दर्शकों के लिए एक बार फिर प्रस्तुत किया गया यह लाइव शो, जिसमें रंगीन और प्रभावशाली रासायनिक प्रयोगों ने सभी को आकर्षित किया और विज्ञान को मनोरंजक रूप में प्रस्तुत किया।


वृत्तचित्र प्रदर्शन: आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे के जीवन और कार्यों पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया, जिसमें उनके वैज्ञानिक योगदान और भारत में स्वदेशी रासायनिक उद्योग को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को दर्शाया गया।


इस अवसर पर लगभग 500 छात्र एवं दर्शक उपस्थित रहे और कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी दिखाई। आयोजन का समापन आचार्य रे की विरासत को आगे बढ़ाने, वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने और रसायन विज्ञान में नवाचार की भावना को जीवित रखने के संकल्प के साथ हुआ।
अंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल द्वारा “रसायन की किरण: खोजें, प्रयोग करें, प्रेरित हों” विषय पर आयोजित आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे की 164वीं जयंती का द्वितीय एवं अंतिम दिवस उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस दो दिवसीय आयोजन का उद्देश्य छात्रों और आम जनता में रसायन विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं को वैज्ञानिक करियर के लिए प्रेरित करना था।


दूसरे दिन आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल थे: रसायन कार्यशाला: “दैनिक जीवन में विज्ञान” विषय पर आधारित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों ने स्वयं छोटे-छोटे रोचक प्रयोग किए, जिनके माध्यम से उन्होंने यह समझा कि रसायन विज्ञान हमारे रोज़मर्रा के जीवन में कैसे कार्य करता है। विज्ञान प्रदर्शन – केमिकल क्यूरियोसिटी: छात्रों और आम दर्शकों के लिए एक बार फिर प्रस्तुत किया गया यह लाइव शो, जिसमें रंगीन और प्रभावशाली रासायनिक प्रयोगों ने सभी को आकर्षित किया और विज्ञान को मनोरंजक रूप में प्रस्तुत किया।
वृत्तचित्र प्रदर्शन: आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे के जीवन और कार्यों पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया, जिसमें उनके वैज्ञानिक योगदान और भारत में स्वदेशी रासायनिक उद्योग को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को दर्शाया गया।
इस अवसर पर लगभग 500 छात्र एवं दर्शक उपस्थित रहे और कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी दिखाई। आयोजन का समापन आचार्य रे की विरासत को आगे बढ़ाने, वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने और रसायन विज्ञान में नवाचार की भावना को जीवित रखने के संकल्प के साथ हुआ।

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