आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : दैनिक भास्कर के ‘अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव-2023’ के रंग में पूरा शहर डूबा नजर आ रहा है। पांचवें दिन भी लोगों की भारी भीड़ यहां पहुंची। भेल दशहरा मैदान में रात 8 बजे से भक्ति के उल्लास का पर्व यानी अभिव्यक्ति गरबा शुरू हुआ, जो देर रात तक चला।
शुक्रवार को भी 5 से अधिक घंटे तक नॉन स्टाप परफॉर्मेंस हुई। भजन के साथ बॉलीवुड गानों पर कदम ऐसे थिरके कि फिर रुके नहीं। हर कोई अभिव्यक्ति के रंग में रंगा नजर आया। देर रात तक दर्शक और पार्टिसिपेंट्स से भेल दशहरा मैदान खचाखच भर गया।
21 अक्टूबर तक चलने वाले इस महोत्सव में पार्टिसिपेंट्स अलग-अलग थीम की ड्रेसेस में आ रहे हैं। मंगलवार को कई पार्टिसिपेंट्स ने मां दुर्गा के रूप में मेकअप किया था। कई एक्सपेरिमेंटल ड्रेसेस में पहुंचे तो कुछ रेट्रो ड्रेसेस में दिखाई दिए। इसके अलावा राजस्थानी, गुजराती गेटअप के साथ ही दूसरे ट्रेडिशनल लुक में भी लोग दिखाई दिए।
अलग-अलग तरह के आउटफिट्स
पांचवें दिन लोग अलग-अलग तरह के आउटफिट्स में दिखे। कोई काठियावाड़ी, तो कोई गुजराती आउटफिट्स में नजर आया। इस बार भी पार्टिसिपेंट्स में सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बनने का क्रेज दिखा। कंटेस्टेंट्स ने सिर्फ काठियावाड़ी और ट्रेडिशनल आउटफिट्स ही नहीं, देश के हर कोने की वेशभूषा, आभूषण, संस्कृति के साथ रंग यहां बिखेरे। इसके अलावा कई प्रतिभागियों ने आभूषणों में भी कई तरह के एक्सपेरीमेंट किए।
पंडाल और फूड कोर्ट में भी गरबा
अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव में शुक्रवार को गेट से लेकर गरबा सर्कल और फूड जोन तक पैर रखने तक की जगह नहीं थी। कई लोग तो परिवार के साथ फूड जोन में ही फैमिली और फ्रेंड्स संग जमकर थिरक रहे थे। यहां आने वाले एक कॉलेज के ग्रुप ने बताया कि हमने फूड कोर्ट में ही गरबा किया, क्योंकि हमें कहीं जगह नहीं मिल रही है। हम सभी ने खूब एंजॉय किया।
कई प्रतिभागी ऐसे भी थे जो फूड जोन को इंजॉय करते नजर आए। यहां अनेक राज्यों के खाने आने वाले लोगों को परोसे जा रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से पंजाबी, मराठी, राजस्थानी, बिहारी डिशेज के अलावा चाइनीज आदि फूड को भी लोग इंजॉय करते दिखे।
स्वास्तिक थीम में पहुंचा ग्रुप
गरबे में आईं शालिनी अग्रवाल ने बताया कि हमारी थीम स्वास्तिक है। यह ड्रेस हमारे ग्रुप के हिसाब से रहती है। हर जगह स्वास्तिक शुभ रहता है, यही हमारा बेस है। हम लोगों की ड्रेस बहुत डिफ्रेंट है, इसमें तैयार होने में ढाई घंटे से अधिक का समय लगा है। शालिनी के मुताबिक वे चौबीस साल से अभिव्यक्ति में शामिल हो रही हैं।
रावण का लुक कैरी किया
शेखर दीक्षित ने बताया कि रावण के लुक में आया हूं। हालांकि, ड्रेस थोड़ा सिंपल हो गया है। थोड़ा और हेवी चाहता था। पहली बार अभिव्यक्ति में आया हूं। मैं बहुत इनर्जेटिक फील कर रहा हूं। यहां बहुत मजा आता है। यह एक दम नया है मेरे लिए, अब मैं हर साल आऊंगा।
6 किलो वजनी पगड़ी
प्रतिभागी रोजर लोबो ने बताया कि ड्रेस उन्होंने रेंट पर ली है। लेकिन, इसे खुद डिजाइन किया है। देवी जी को मैंने सिर पर सजाया है। मुझे लगता है इसको लेकर नाचना बहुत मुश्किल है। यह करीब पांच से छ किलो का है। इसमें कार्ड बोर्ड और लकड़ी का बोर्ड लगा है।
कृष्ण जी की पोशाक, ज्वेलरी हैंडमेड
सुलेखा चौधरी ने बताया कि उन्होंने सिंपल ड्रेस ली थी। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। कल कोई अवॉर्ड नहीं मिला तो आज कुछ अलग किया है। ड्रेस में कृष्ण जी की पोशाक को एड किया है। बांसुरी के साथ में है तो यह बहुत अलग है। इसको हमने खुद कस्टमाइज किया है। ज्वेलरी भी हैंडमेड है। इसमें 9 देवियां भी दिखाई देंगी।