सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: दुनियाभर में शिक्षा को सभी बच्चों तक पहुंचाने के प्रयासों के बावजूद स्कूली शिक्षा पूरी करने की चुनौती लगातार बनी हुई है। यूनेस्को की ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग (जीईएम) रिपोर्ट 2026 के अनुसार, यदि शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति की मौजूदा रफ्तार जारी रही तो दुनिया को 95 प्रतिशत युवाओं के उच्च माध्यमिक स्तर की शिक्षा पूरी करने का लक्ष्य हासिल करने में वर्ष 2105 तक इंतजार करना पड़ सकता है। यानी इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अभी लगभग आठ दशक का समय लग सकता है।
स्कूली शिक्षा में सुधार, लेकिन रफ्तार धीमी रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2000 से 2024 के बीच प्राथमिक शिक्षा पूरी करने की वैश्विक दर 77 प्रतिशत से बढ़कर 88 प्रतिशत हो गई। इसी अवधि में निम्न माध्यमिक शिक्षा की पूर्णता दर 60 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत और उच्च माध्यमिक शिक्षा की दर 37 प्रतिशत से बढ़कर 61 प्रतिशत पहुंच गई। इसके बावजूद लगभग 10 में से चार युवा उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
27.3 करोड़ बच्चे और युवा स्कूल से बाहर रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2024 में दुनियाभर में लगभग 27.3 करोड़ बच्चे और युवा स्कूल से बाहर थे। इसका अर्थ है कि स्कूल जाने की उम्र के हर छह में से एक बच्चे को शिक्षा नहीं मिल पा रही है। लगातार सातवें वर्ष स्कूल से बाहर बच्चों और युवाओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जनसंख्या वृद्धि, संघर्ष और शिक्षा के लिए सीमित बजट को इसकी प्रमुख वजहों में शामिल किया गया है।
दाखिले के साथ पढ़ाई पूरी कराना भी चुनौती यूनेस्को ने स्पष्ट किया है कि केवल स्कूलों में दाखिला बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को शिक्षा व्यवस्था में बनाए रखना और निर्धारित स्तर तक पढ़ाई पूरी कराना भी जरूरी है। देर से दाखिला, कक्षाओं में दोहराव, आर्थिक असमानता और संसाधनों की कमी के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी पीछे रह जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तेज प्रगति की स्थिति में 95 प्रतिशत उच्च माध्यमिक शिक्षा पूर्णता का लक्ष्य 2081 तक और सबसे तेज विस्तार वाले परिदृश्य में 2062 तक हासिल किया जा सकता है। इससे स्पष्ट है कि नीतिगत सुधार और निवेश से मौजूदा अनुमान बदला जा सकता है।
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