सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मेरे लर्निंग लाइसेंस का समय अब पूरा होने वाला है मुझे अब अपना परमानेंट लाइसेंस बनवाना है, कई दिनों से लगातार वेबसाइट पर ट्राई किया मगर सर्वर डाउन दिखाई दे रहा है, जिसके बाद मैं आरटीओ कार्यालय भी गई, मगर वहां बताया गया कि सर्वर कई दिनों डाउन है, पता नहीं कब तक शुरू होगा, यह कहना है शाहजहानाबाद में रहने वाली फातिमा सैयद का, उन्होंने बताया कि अब पता नहीं कब मेरा लाइसेंस बनेगा। बता दें कि पिछले करीब 6 दिनों प्रदेश भर में आरटीओ का सर्वर डाउन है, जिसके चलते भोपाल के अलावा सभी शहरों में यह स्थिति बनी हुई है।
ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस और वाहन पंजीयन सहित सभी कार्य बंद पडे़
हर के कोकता ट्रांसपोर्ट नगर में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों का पंजीयन कार्ड बनवाने सहित वाहनों की फिटनेस व पंजीयन का काम ठप पड़ा हुआ है। इसका कारण बार-बार पोर्टल परिवहन सारथी व वाहन-चार का सर्वर धीमा चलना है। 6 दिनों से लोग परेशान हो रहे हैं। यहां फिटनेस और अन्य काम नहीं हो पा रहे हैं। फिटनेस कराने से पहले आवेदक के मोबाइल पर ओटीपी जनरेट होता है, लेकिन सर्वर ठप होने से ओटीपी ही नहीं आ रहा। ऐसे में फिटनेस का काम अटका हुआ है।
मंगलवार को सिर्फ 15 मिनट चला सर्वर
मंगलवार को दोपहर में कई बार सर्वर शुरू हुआ, जिसमें फिटनेस आदि के इक्का दुक्का काम किए गए, इसके अलावा रजिस्ट्रेशन आदि की फाइलें भी आगे बढ़ाई गईं, मगर करीब 15 मिनट चलने के बाद सर्वर बंद हो गया, हालांकि लाइसेंस को लेकर किसी आवेदक के पास इस 15 मिनट में ओटीपी नहीं आ सका।
एनआईसी अधिकारी बचते नजर आ रहे
वहीं इस बारे में जब एनआईसी के अधिकारियों से बात की गई तो इस संबंध में बचते नजर आ रहे हैं। एनआईसी (नेशनल इंफॉर्मेटिक सेंटर ) के स्टेट हेड एमपी मयंक नागर कहते हैं कि मैं फिलहाल छुट्टी पर हूं अभी बात नहीं कर सकता हूं। दूसरी तरफ परिवहन विभाग के अधिकारियों की माने तो सर्वर धीमा होने की शिकायत एनआइसी के अधिकारियों को अवगत कराया है। जैसे ही सर्वर चलता है, वैसे ही पेडिंग आवदेनों की प्रक्रिया पूरी की जाती है, ताकि लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
लगातार आ रही दिक्कत
पिछले करीब साल भर से लगातार इस तरह की दिक्कत प्रदेशभर में चल रही है, जिसके चलते हर दो से तीन महीने में यह प्रॉब्लम लगातार सामने आती है। जिसके चलते आवेदकों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि सिर्फ भोपाल में रोजाना करीब 1500 से अधिक आवेदक अलग अलग कामों के लिए आरटीओ कार्यालय पहुंचते हैं।
रोजना इतने बनते हैं लाइसेंस
लाइसेंस 200 से अधिक
लर्निंग लाइसेंस 250 से अधिक
फिटनेस 70-80
रजिस्ट्रेशन 1000 से अधिक
रजिस्ट्रेशन रिन्युअल 300 से अधिक