सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: आंचलिक विज्ञान केन्द्र में ‘युवा विज्ञान संवाद’ का सफल आयोजन, 200 से अधिक विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने लिया भाग भोपाल, 28 अक्टूबर 2026। आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल द्वारा भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के सहयोग से ‘युवा विज्ञान संवाद’ श्रृंखला के अंतर्गत एक विशेष संवादात्मक सत्र का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारी संख्या में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस संयुक्त पहल का उद्देश्य युवाओं को विज्ञान, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना, उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है। यह श्रृंखला युवा पीढ़ी को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।

आंचलिक विज्ञान केंद्र में युवा विज्ञान संवाद, 200 प्रतिभागी शामिल हुए

कार्यक्रम में आईआईएसईआर, भोपाल के प्रभारी निदेशक एवं जैविक विज्ञान विभाग के रघुवीर सिंह तोमर ने प्रमुख वक्ता के रूप में विद्यार्थियों से संवाद किया। सत्र का विषय “भोजन और एपिजीनोम का संबंध: यह समझना कि आहार किस तरह जीन रेगुलेशन को प्रभावित करता है” था। तोमर ने भोजन की विभिन्न श्रेणियों, खान-पान की आदतों, संतुलित आहार तथा मानव स्वास्थ्य पर भोजन के प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया कि हमारे भोजन में मौजूद पोषक तत्त्व जीन की अभिव्यक्ति एवं कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने उपवास के पीछे के विज्ञान तथा भारतीय परंपरा में वर्णित सात्त्विक, राजसिक और तामसिक भोजन की अवधारणाओं पर भी प्रकाश डाला।

आंचलिक विज्ञान केंद्र में युवा विज्ञान संवाद, 200 प्रतिभागी शामिल हुए
आंचलिक विज्ञान केंद्र में युवा विज्ञान संवाद, 200 प्रतिभागी शामिल हुए

सत्र अत्यंत संवादात्मक एवं रोचक रहा। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भोजन, पोषण, जीन और स्वास्थ्य से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका तोमर ने सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से उत्तर दिया। प्रतिभागियों ने सत्र को ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया और उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। ‘युवा विज्ञान संवाद’ श्रृंखला के माध्यम से आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल एवं आईआईएसईआर, भोपाल का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक जिज्ञासा, तार्किक चिंतन एवं अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना तथा उन्हें भविष्य के वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं नवप्रवर्तक बनने के लिए प्रेरित करना है।


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