सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। तंजावुर में कावेरी जल विवाद पर आयोजित रैली के दौरान डीएमके नेता और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की एक टिप्पणी तमिलनाडु में बड़े राजनीतिक और कानूनी विवाद में बदल गई है। कार्यक्रम के दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अभिनेत्री त्रिशा का नाम लेकर नारे लगाए, जिस पर उदयनिधि ने प्रतिक्रिया दी। आलोचकों का आरोप है कि उनकी टिप्पणी द्विअर्थी थी।

यह टिप्पणी तेजी से वायरल हुई और विपक्षी दलों, सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं तथा महिला संगठनों ने इसकी आलोचना की। इन समूहों ने बयान को अनुचित और आपत्तिजनक बताया।

शिकायतों के बाद तंजावुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और तमिलनाडु महिलाओं के उत्पीड़न निषेध अधिनियम की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। तमिलगा वेत्रि कषगम (TVK) सहित राजनीतिक दलों ने कानूनी कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग की।

उदयनिधि ने किसी भी अनुचित मंशा से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनकी बातों को संदर्भ से काटकर पेश किया गया। उन्होंने राजनीतिक विरोधियों पर उन्हें बदनाम करने के लिए “फर्जी” मामला बनाने का आरोप लगाया। डीएमके ने भी अपने नेता का बचाव करते हुए कहा कि उनके भाषण को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।

इस विवाद से तमिलनाडु में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। मामला अदालत तक पहुंचा है, डीएमके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं और राजनीतिक बयानबाजी, सार्वजनिक आचरण तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों की जवाबदेही को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। मामला फिलहाल कानूनी जांच के दायरे में है।


Hashtags: #रषटर #भरत #भपल #उदयनधसट #तरश #डएमक #तमलनड #तजवर #कवरजल #एफआईआर