सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा जनजाति अध्ययन विषय पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी का आज समापन हुआ l

समापन सत्र में प्रोफेसर विवेक कुमार आईआईटी दिल्ली ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज इस बात की आवश्यकता है कि इस संगोष्ठी में उपलब्ध जो 10 विश्वविद्यालयों के कुलगुरु महोदय ने इच्छा जाहिर की है कि वह जनजाति अध्ययन विषय पर पाठ्यक्रम संचालित करना चाहते हैं , वे सर्वप्रथम जनजातीय शोध एवं ज्ञान केंद्र नई दिल्ली के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर ले ताकि उन्हें विकसित किया हुआ पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री के विकास संबंधी अन्य दिशा निर्देश मिल जाए और जनजाति अध्ययन के लिए आवश्यक पाठ्य सामग्री का निर्माण किया जा सकेlल।

भोज मुक्त विश्वविद्यालय में जनजाति अध्ययन विषयक संगोष्ठी संपन्न

इस संगोष्ठी में इस बात पर भी सहमति बनी कि विश्वविद्यालय आपस में एक समूह का निर्माण करें जो कि जनजाति अध्ययन विषय को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों का निर्माण और अध्ययन सामग्री और पाठ्य पुस्तकों का निर्माण करने में आपस में सहायता कर सके। प्रत्येक विश्वविद्यालय जनजाति अध्ययन हेतु एक विभाग या शोध केंद्र की स्थापना करें और उसके लिए एक उपयुक्त अनुभवी प्रोफेसर को नोडल अधिकारी नियुक्त करें l इस कार्य हेतु जनजातीय अध्ययन में विशेषज्ञ रखने वाले रिसर्च एसोसिएट और रिसर्च अस्सिटेंट की नियुक्ति भी किया जाना आवश्यक होगा और प्रत्येक विश्वविद्यालय अपने-अपने अधिनियम के अनुसार उनकी नियुक्ति करेंगे। इस बात पर सहमति व्यक्त की गई की जनजातीय शोध एवं ज्ञान केंद्र सभी विश्वविद्यालय को विषय विशेषज्ञ की एक सूची भी साझा करें जिससे विश्वविद्यालय को उनसे अध्ययन सामग्री विकसित करने में सहायता मिलेl उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनो में सभी विश्वविद्यालय में जनजातीय अध्ययन विषय पर बोर्ड ऑफ स्टडी का गठन भी करना होगा l इस संगोष्ठी में इस बात पर जोर दिया गया की जनजाति अध्ययन सर्वप्रथम स्नातक स्तर पर एक विषय के रूप में प्रारंभ किया जाए और इसके पश्चात स्नातकोत्तर विषय के पाठ्यक्रम चालू किए जाएं इससे जनजाति अध्ययन विषय को यूजीसी नेट में एक विषय के रूप में सम्मिलित करने में सहायता मिलेगी l विभिन्न विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने इस बात पर भी सहमति व्यक्ति की कि हमें विद्यार्थी विनिमय कार्यक्रम चालू करने पर विचार करना चाहिए l मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर मिलिंद दांडेकर के जनजातीय विषय पर पाठ्यक्रम चालू करने के संकल्प औरआभार प्रदर्शन के साथ ही संगोष्ठी का समापन हुआ l


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