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नई दिल्ली: दीपावली के त्योहार से पहले दिल्ली के सबसे बड़े थोक इलेक्ट्रिकल बाजार भागीरथ पैलेस की तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी चीनी उत्पादों पर निर्भर रहने वाले इस बाजार में अब स्वदेशी सामान की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से अधिक हो गई है। बिजली की झालरों, एलईडी लाइट्स और सजावटी इलेक्ट्रिकल उत्पादों में भारतीय निर्माताओं की मजबूत मौजूदगी ने घरेलू कारोबार को नई गति दी है।

दिल्ली के चांदनी चौक स्थित भागीरथ पैलेस में इस वर्ष त्योहारी सीजन के दौरान करीब 3,500 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया गया है। इसमें स्वदेशी उत्पादों की हिस्सेदारी 3,000 करोड़ रुपये से अधिक रहने की उम्मीद है। व्यापारियों के मुताबिक, वर्ष 2020 से पहले बाजार लगभग पूरी तरह चीनी उत्पादों पर निर्भर था। हालांकि, अब यहां बिकने वाली अधिकांश सजावटी लाइट्स और झालरें भारत में निर्मित हैं। बाजार में कुछ चीनी उत्पाद अभी भी मौजूद हैं, लेकिन व्यापारियों का दावा है कि वे पुराने स्टॉक का हिस्सा हैं।

दिल्ली इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शर्मा के अनुसार, आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल जैसी पहलों के साथ घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलने से यह बदलाव आया है। भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार और कीमतों में प्रतिस्पर्धा ने भी इन्हें बाजार में मजबूत स्थान दिलाया है।

व्यापारियों का कहना है कि अब ग्राहक भी सस्ते सामान के साथ उसकी गुणवत्ता, टिकाऊपन और स्वदेशी पहचान को महत्व दे रहे हैं। बाजार में पारंपरिक रंगीन बल्बों से लेकर फूल, पत्तियों, सितारों और कमल के आकार वाली सजावटी झालरें उपलब्ध हैं। रिमोट और मोबाइल से नियंत्रित होने वाली तथा संगीत की धुन पर रंग बदलने वाली एलईडी लाइट्स भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं।

भागीरथ पैलेस में आए इस बदलाव को घरेलू इलेक्ट्रिकल उद्योग और स्थानीय कारोबार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


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