आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल की सुलेमानिया स्कूल के भवन का एक हिस्सा सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक होने के चलते यहां रिनोवेशन कराया जा रहा है। स्कूल को हमीदिया गर्ल्स स्कूल में शिफ्ट कर दिया है। लेकिन, पैरेंट्स बच्चों को वहां भेजने की बजाय स्कूल की पुरानी बिल्डिंग के दरवाजे पर ही पढ़ा रहे हैं। यहां बच्चे 18 सितंबर से यहीं पढ़ाई कर रहे हैं। अभिभावकों की मानें तो हमीदिया गर्ल्स बच्चों को एक्सीडेंटल जोन में स्थित स्कूल में शिफ्ट किया है। तब से यह लोग अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। इस बीच चुनाव आयोग ने यहां 3 पोलिंग बूथ बना दिए हैं।

यह है पूरा मामला

सुलेमानिया स्कूल का रिनोवेशन किया जाना है। जिसको लेकर 14 सितंबर को रिनोवेशन करने वाली कंपनी की लेबर को स्कूल मैनेजमेंट ने बच्चों की क्लास में सोने की परमिशन दे दी। जिसका विरोध अभिभावकों ने किया। फिर 18 सितंबर को स्कूल ने बिना कुछ बताए आदेश जारी कर स्कूल को हमीदिया गर्ल्स स्कूल में शिफ्ट कर दिया। अभिभावकों की मानें तो हमीदिया गर्ल्स बच्चों को एक्सीडेंटल जोन में स्थित स्कूल में शिफ्ट किया है। तब से यह लोग अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं।

स्कूल दो भागों में है। एक भाग पुराना है, तो दूसरा भाग नया है, जो कि साल 2009 में बना था। स्कूल के जिस भाग का रिनोवेशन होना है, उस भाग में स्कूल नहीं लगता है, बल्कि यह स्कूल नए बने हिस्से में लगता है।

अभिभावकों की मांग

अभिभावकों का कहना है कि एसडीएम ने हाल ही में यहां निरीक्षण किया है। जिसके बाद यहां तीन पोलिंग बूथ बनाए जा रहे हैं। उनके निरीक्षण के बाद 26 अक्टूबर को इंटेक संस्था ने एक लेटर हमें दिया है, जिसमें बताया गया है कि यह भवन बच्चों का सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी प्रकार के लिए खतरनाक है, जबकि एसडीएम इसे ठीक बता चुके हैं।

हम यहीं चाहते हैं कि स्कूल में पहले भी पुराने (जहां रिनोवेशन होना है) हिस्से में क्लास नहीं लगती थी। नए हिस्से में ही क्लास लगती थी। वहीं बच्चों को यथावत रखा जाए। इसका दूसरा दरवाजा स्कूल की दूसरी तरफ की सड़क पर खुलता है। वहां से बच्चों को आने जाने का रास्ता दिया जाए। इससे जहां रिनोवेशन होना है, वहां बच्चे का आना-जाना नहीं हो सकेगा।

चुनाव का काम सिरिटर्निंग आफिसर एवं एसडीएम सिटी सर्कल

लंबे समय से नहीं हो रहा रिनोवेशन: पार्षद

रिनोवेशन के लिए ऐसा किया गया था, मगर रिनोवेशन लंबे समय से बंद है। सिर्फ ठेकेदार कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। इस पर विभाग को ध्यान देना चाहिए, मैं रोजाना देखता हूं कि बच्चे बाहर ही पढ़ाई कर रहे हैं। सभी बच्चे छोटे हैं वह हमीदिया गर्ल्स स्कूल जाने में सक्षम नहीं हैं।

-समर हुजूर, वार्ड 21 पार्षद

जिला शिक्षा अधिकारी से बात करके निर्णय लेंगे

सुलेमानिया स्कूल के बच्चे अगर दरवाजे के बाहर पढ़ रहे हैं और स्कूल नहीं जा हरे हैं तो इस मामले में हम जल्द ही जिला शिक्षा अधिकारी से बात करके निर्णय लेंगे।

-अरविंद कुमार, ज्वाइंट डायरेक्टर, डीपीआई

एक नजर सुलेमानिया स्कूल पर

150 साल पुरानी है बिल्डिंग।

लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी। स्कूल दो भागों में है। एक पुराना दूसरा 2009 में निर्मित भाग।

स्कूल में कुल 89 छात्र पढ़ते हैं। इसमें नर्सरी से आठवीं तक के बच्चे शामिल हैं।

बिल्डिंग का रिनोवेशन का कार्य पुरातत्व विभाग कर रहा है। इसके अंतर्गत एक रिटायर्ड आईएएस एमएम उपाध्याय की संस्था इंटेक यह पूरा कार्य कर रही है।

करीब 22 दिन से बच्चे दरवाजे पर ही पढ़ रहे।

इस मामले की शिकायत चुनाव आयुक्त एवं मानव अधिकार आयोग को भी पेरेंट्स द्वारा की गई है।