नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के लिए बैंक खाते और फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आउटर नॉर्थ जिला साइबर पुलिस ने चार अलग-अलग मामलों में यह कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्यों ने साइबर अपराधियों को करीब 70 म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराए और ग्राहकों की जानकारी के बिना 187 सिम कार्ड भी जारी कराए।
पुलिस के अनुसार, आरोपित लोगों को बीमा लाभ और आर्थिक फायदे का लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद बैंकिंग किट, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज साइबर ठगों तक पहुंचाए जाते थे। इन खातों के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजा जाता था। इस नेटवर्क से जुड़े मोहित की पहचान हुई है, जो एक अन्य मामले में तिहाड़ जेल में बंद है।
जांच में यह भी सामने आया कि एक टेलीकॉम डीलर ग्राहकों के फोटो और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनकी जानकारी के बिना अतिरिक्त सिम कार्ड जारी करवाता था। इन्हें कथित तौर पर करीब 1,500 रुपये प्रति सिम बेचा जाता था। एक अन्य मामले में तीन बैंक खाते 20 हजार रुपये में बेचने का आरोप भी सामने आया है।
पुलिस ने इन मामलों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की 125 शिकायतों से जोड़ा है, जिनमें करीब 1.59 करोड़ रुपये की ठगी का पता चला है। इसके अलावा, एपीके फाइल के जरिए साइबर ठगी के एक अलग मॉड्यूल में जालंधर से सौरव नामक आरोपित को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, इस मॉड्यूल से करीब 3.73 करोड़ रुपये की संदिग्ध ठगी की रकम जुड़ी है।
कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, पीओएस मशीन और नकदी बरामद की गई। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों की जांच जारी है।
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