होलिका पूजन के दौरान ठाकुर दास की हत्या, दोषी रंजीत को उम्रकैद
नई दिल्ली: दिल्ली के सीमापुरी इलाके में होलिका पूजन के दौरान चाकू से गला काटकर की गई ठाकुर दास की हत्या के मामले में अदालत ने करीब डेढ़ साल बाद फैसला सुनाया है। कड़कड़डूमा स्थित शाहदरा जिला अदालत ने आरोपी रंजीत को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे दो महीने की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी।
यह वारदात 13 मार्च 2025 को होलिका दहन के दिन हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, शाम को ठाकुर दास अपनी पत्नी पूनम के साथ होली की खरीदारी कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान कब्रिस्तान रोड पर जैन मंदिर के पास रंजीत ने उनका रास्ता रोककर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी थी।
रात करीब 10 से 10:30 बजे ठाकुर दास अपनी पत्नी के साथ जैन मंदिर के पास होलिका पूजन के लिए पहुंचे थे। पूनम पूजा कर रही थीं, जबकि ठाकुर दास पास की सीढ़ियों पर बैठे थे। इसी दौरान रंजीत वहां आया और उनके पास बैठ गया। कुछ देर बाद उसने अचानक जेब से चाकू निकालकर ठाकुर दास की गर्दन पर वार कर दिया और मौके से फरार हो गया।
गंभीर रूप से घायल ठाकुर दास को जीटीबी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शुरुआत में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद इसे हत्या में बदल दिया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान मृतक की पत्नी और प्रत्यक्षदर्शी के बयान, फोरेंसिक जांच तथा घटनास्थल से मिले साक्ष्य अहम साबित हुए। एफएसएल रिपोर्ट में घटनास्थल पर आरोपी के फिंगरप्रिंट मिलने की पुष्टि हुई। अदालत ने इन साक्ष्यों के आधार पर रंजीत को दोषी ठहराया। साथ ही मृतक की पत्नी और तीन नाबालिग बच्चों के लिए उचित मुआवजे पर विचार करने का मामला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजा है।
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