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नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को आयोजित INDIA गठबंधन की महारैली में भीड़ की संख्या को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। रैली से पहले कांग्रेस नेताओं ने करीब 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया था, लेकिन आयोजन के दौरान मैदान में कई कुर्सियां खाली दिखाई दीं। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के दावे पर सवाल उठाए।

रैली में मौजूद लोगों की संख्या को लेकर प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, मैदान के भीतर लगभग 30 से 35 हजार लोग मौजूद थे, जबकि बाहर की भीड़ को मिलाकर कुल संख्या 60 से 70 हजार के बीच आंकी गई। रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुमान का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, कुल उपस्थिति का कोई स्वतंत्र रूप से प्रमाणित आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।

भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि रामलीला मैदान का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था। उनके मुताबिक, मैदान में करीब 28 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं, जिनमें से दोपहर साढ़े तीन से चार बजे के बीच पांच से सात हजार कुर्सियां खाली थीं। उन्होंने कांग्रेस के 10 लाख लोगों के पहुंचने के दावे को चुनौती देते हुए रैली के दृश्य भी दिखाए।

दूसरी ओर, कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर रैली का वीडियो साझा कर भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। पार्टी ने आयोजन में लोगों की मौजूदगी को दिखाते हुए भाजपा की टिप्पणी पर सवाल उठाए।

यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के विरोध में आयोजित की गई थी। अब भीड़ की वास्तविक संख्या को लेकर दोनों दलों के दावों और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच विवाद जारी है।


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