ITDC India/Report:Anurag Pandey : पटियाला में हुई हिंसा को लेकर राजनीति करने वाले कई नेता तो इशारे में ही बड़ी बात कह रहे हैं। विपक्षी दल लगा रहे आरोप कि पटियाला में हुई हिंसा के दौरान ‘इंटेलिजेंस’ और वहा बनी नई सरकार पूरी तरह फेल रही है।जब कई दिनों से ‘आग’ और आग के साथ खेलने की कई खबरे चल रही थीं, तो सरकार उन्हें खामोश करने के लिए जरूरी कदम क्यों नही उठा पा रही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान किसी को समझ नहीं आ रहा क्योंकि जहा वो ये बोल रहे है की ये दो समुदाय के बीच का झगड़ा नहीं था।यह तो दो राजनीतिक दलों का झगड़ा था। इसके लिए उन्होंने भाजपा और अकाली दल को जिम्मेदार ठहरा दिया। जो कोई भी इस घटना के पीछे है, वह बच नही सकेगा यह उनका कहना है । तो क्या मंदिर में हमला करने वाले कोई राजनीतिक पार्टी से संबंध रखते है।पटियाला की घटना वैसी घटना नहीं थी जैसी कई राज्य में हो रही है,यहां हिंदू-मुस्लिम जैसा भी कुछ नहीं था। पंजाब में हनुमान चालीसा और मस्जिद लाउडस्पीकर जैसा मुद्दा भी नहीं था। तो फिर ऐसा क्यों हुआ इसका जवाब भी है हमारे पास वही पंजाब की शिवसेना ने कई दिन पहले से ही बता रखा था कि वह खालिस्तान और खलिस्तनीयो के खिलाफ मोर्चा निकालेगी। जैसा देखने को मिला भी मिला। वही मोर्चा में शिवसेना ने खालिस्तान के विरोध पर हिंदू संगठन और कुछ सिख संगठन दोनो आमने-सामने आ गए।ये एक सोची समझी साजिश थी।इसके बावजूद मंदिर में तोड़फोड़ करने वाले तत्व अपनी साजिश को आगे बढ़ाने में कामयाब हो गए।

कई महीनो से चल रहा थी साज़िश

पंजाब चुनाव के दौरान भी ‘खालिस्तान’ का नाम कई बार आया था। दिल्ली में हुए किसान आंदोलन में भी ‘खालिस्तान’ संगठन की गतिविधियां देखने को मिली थी।पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष का कहना है की केजरीवाल को खुश करने में लगे रहे मान तो कैसे करेंगे पंजाब के लिए काम उन्हे देखना चाहिए की इस तरह घटना दोबारा न हो जिसका जिम्मेदार है उनपर कार्यवाही हो और राज्य में शांति बनाए रखने के लिए उन्हे इस पर विचार करना चाहिए।