सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल एलएन मेडिकल कॉलेज के जे. के. हॉस्पिटल में जन्म के तुरंत बाद सांस लेने में लीफ के कारण शिशु रोग विभाग के एनआईसीयू में भर्ती किया गया। जन्म के पहले ही दिन हृदय की जांच में 9 मिमी का बड़ा छेद तथा गंभीर पल्मोनरी आर्टरियल हाइपरटेंशन पाया गया, जिसके कारण लंबे समय तक आईसीयू में देखभाल की आवश्यकता पड़ी।
अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान शिशु को कई जानलेवा जटिलताओं का सामना करना पड़ा, जिनमें स्यूडोमोनास एवं क्लेबसिएला संक्रमण से उत्पन्न बार-बार होने वाला गंभीर सेप्सिस, लिस्टेरिया मेनिन्जाइटिस, कार्डियोजेनिक एवं सेप्टिक शॉक, किडनी में संक्रमण, दौरे, हृदय की गति धीमी होना तथा खून की कमी होना शामिल थे, जिसके कारण कई बार प्लेटलेट्स एवं रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ी। कई गंभीर परिस्थितियों एवं लंबे समय तक वेंटिलेटरी सपोर्ट के बावजूद, नवजात ने एंटीबायोटिक्स, आईवीआईजी थेरेपी, श्वसन सहयोग एवं पोषण पुनर्वास जैसी उन्नत चिकित्सा के द्वारा धीरे-धीरे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली
लंबे समय (49 दिन) तक चली सतत चिकित्सा के बाद शिशु की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार के बाद डिस्चार्ज किया गया
उपचार में डॉ. श्वेता आनंद (प्रोफेसर, शिशु रोग विभाग), डॉ. मंजरी गुप्ता एवं डॉ. नेहिल निगम (असिस्टेंट प्रोफेसर शिशु रोग विभाग) का विशेष मार्गदर्शन रहा। साथ ही डॉ रामनानी (hod माइक्रोबायोलॉजी) एवं डॉ राजेंद्र निगम (प्रोफेसर पैथोलॉजी) का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
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