सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ दिल्ली: नई दिल्ली। दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से चुनाव प्रक्रिया के लिए निश्चित समयसीमा घोषित किए जाने के बाद छात्रों ने 18 दिनों से जारी भूख हड़ताल और प्रदर्शन वापस ले लिया। इस फैसले को छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से 29 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्रसंघ के संविधान को 15 मई 2027 तक मंजूरी देकर लागू किया जाएगा। इसके बाद नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के छह सप्ताह के भीतर छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे। विश्वविद्यालय का अगला शैक्षणिक सत्र जुलाई 2027 में शुरू होने का कार्यक्रम है। चुनाव प्रक्रिया लिंगदोह समिति की सिफारिशों और दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी।

प्रशासन ने आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस, अनुशासनात्मक कार्रवाई, निष्कासन, निलंबन और परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध से जुड़े आदेश वापस लेने का भी निर्देश दिया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में 2 नवंबर से ऑफलाइन कक्षाएं और परीक्षाएं शुरू करने की घोषणा की गई है।

छात्र 12 अक्टूबर से छात्रसंघ की बहाली और चुनाव की स्पष्ट समयसीमा तय करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। जामिया में वर्ष 2006 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। पहले प्रशासन की ओर से चुनाव कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निश्चित समयसीमा नहीं होने के कारण छात्रों ने आंदोलन जारी रखा।

नए आदेश में संविधान लागू करने की अंतिम तारीख तय होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी। अब विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने निर्धारित समयसीमा के भीतर संविधान लागू कराने और चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी होगी।


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