सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ दिल्ली: नई दिल्ली। दिल्ली में पीक ऑवर्स के दौरान लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए सड़कों का डिजिटल मॉडल तैयार किया जाएगा। इस पहल के तहत राजधानी के सड़क नेटवर्क, वाहनों की आवाजाही और यातायात दबाव का तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर जाम के प्रमुख कारणों की पहचान कर भविष्य में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना तैयार की जाएगी।
इस परियोजना पर करीब 11.17 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है और अध्ययन को तीन महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डिजिटल मॉडल में सड़कों की मौजूदा स्थिति, प्रमुख चौराहों, वाहनों की संख्या और व्यस्त समय में यातायात के दबाव से जुड़े आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा। इससे अधिकारियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किन मार्गों और चौराहों पर सबसे अधिक जाम लगता है और किन सुधारों से यातायात सुचारु हो सकता है।
इस तरह के ट्रैफिक सिमुलेशन मॉडल में तकनीकी आंकड़ों के आधार पर अलग-अलग यातायात परिस्थितियों का आकलन किया जाता है। इसके जरिए सड़क चौड़ीकरण, चौराहों में बदलाव, सिग्नल व्यवस्था और अन्य यातायात सुधारों के संभावित प्रभाव का अनुमान लगाया जा सकता है। दिल्ली में पहले भी लगभग 450 किलोमीटर सड़क नेटवर्क पर यातायात दबाव और सड़क सुरक्षा का अध्ययन करने की योजना सामने आई थी, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ड्रोन सर्वेक्षण जैसी तकनीकों के इस्तेमाल की बात कही गई थी।
हालांकि, डिजिटल मॉडल तैयार होने से तत्काल जाम समाप्त नहीं होगा। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर योजनाएं बनाना और उपलब्ध सड़क क्षमता का बेहतर उपयोग करना है। दिल्ली में प्रस्तावित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के साथ ऐसी तकनीकी पहलें भविष्य में यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकती हैं।
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