सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ दिल्ली: नई दिल्ली। दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर 18 दिनों से जारी आंदोलन और भूख हड़ताल समाप्त हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें स्वीकार करते हुए छात्रसंघ के संविधान को अंतिम रूप देने और चुनाव कराने की समयसीमा तय कर दी है। इसके बाद आंदोलनकारी छात्रों ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की।

विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले के अनुसार, जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्रसंघ के संविधान को 15 मई 2027 तक मंजूरी देकर लागू करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद जुलाई 2027 में शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के छह सप्ताह के भीतर छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया लिंगदोह समिति की सिफारिशों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी। संविधान तैयार करने में प्रत्येक फैकल्टी के छात्र प्रतिनिधियों के साथ शिक्षकों और कानूनी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा।

प्रशासन ने आंदोलन के दौरान छात्रों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस, निलंबन, निष्कासन और परिसर में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध सहित अनुशासनात्मक कार्रवाइयां वापस लेने का निर्णय भी लिया है। इस फैसले के बाद छात्रों ने इसे अपनी मांगों की स्वीकृति बताते हुए आंदोलन समाप्त कर दिया।

कैंपस में पढ़ाई को लेकर भी नया आदेश जारी किया गया है। विश्वविद्यालय के 30 अक्टूबर को जारी ताजा निर्देश के अनुसार, सभी स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की ऑफलाइन कक्षाएं तथा परीक्षाएं 2 नवंबर 2026 से शुरू होंगी। नियमित उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। इससे पहले 8 नवंबर तक ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखने की जानकारी दी गई थी, लेकिन नए आदेश में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करने की तारीख 2 नवंबर तय की गई है।

जामिया में वर्ष 2006 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। ऐसे में प्रस्तावित चुनाव को विश्वविद्यालय में छात्र प्रतिनिधित्व की व्यवस्था बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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