सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ईरान की चेतावनी- युद्ध हिंद महासागर तक फैला तो भारत-चीन पर असर
तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या इजराइल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो युद्ध का दायरा फारस की खाड़ी और लाल सागर से आगे बढ़कर हिंद महासागर तक पहुंच सकता है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मेजर जनरल याह्या रहीम सफवी ने यह बात एक वीडियो संदेश में कही, जिसे ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने जारी किया। सफवी ने कहा कि संघर्ष पहले ही फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर तक फैल चुका है। उनके अनुसार, यदि फिर से युद्ध शुरू होता है तो इसका मोर्चा हिंद महासागर और संभवतः उससे आगे तक बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना ने किसी भी संभावित नए हमले की स्थिति से निपटने के लिए योजनाएं तैयार कर रखी हैं।
इस चेतावनी का भारत पर संभावित असर समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिंद महासागर तक संघर्ष फैलने की स्थिति में पश्चिम एशिया, भारत, यूरोप और अफ्रीका के बीच होने वाले समुद्री परिवहन पर दबाव बढ़ सकता है। होर्मुज और लाल सागर में पहले से जारी व्यवधान के कारण जहाजों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे यात्रा समय और परिवहन लागत बढ़ रही है।
भारत के अलावा चीन के लिए भी हिंद महासागर की समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति महत्वपूर्ण है। हालांकि, ईरानी बयान में भारत या चीन को किसी संभावित सैन्य लक्ष्य के रूप में निर्दिष्ट नहीं किया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संघर्ष के विस्तार की स्थिति में ईरान किन समुद्री मार्गों या सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कर रहा है। क्षेत्रीय तनाव के बीच होर्मुज और बाब अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर व्यवधान पहले ही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में हिंद महासागर तक संघर्ष के विस्तार की आशंका से समुद्री सुरक्षा, तेल आपूर्ति, माल ढुलाई और बीमा लागत को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।
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