सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। आईआईटी बॉम्बे में बीटेक द्वितीय वर्ष के एक छात्र की 18 सितंबर को आत्महत्या से मौत के बाद कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। घटना के बाद छात्र कल्याण, शैक्षणिक मामलों के निपटारे और संस्थान की नीतियों को लेकर फिर बहस तेज हो गई है।

आईआईटी बॉम्बे के आधिकारिक बयान के अनुसार, छात्र ऊर्जा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग से था। परीक्षा के दौरान उसे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था और उसने उत्तर पाने के लिए प्रश्नपत्र एक ऑनलाइन चैटबॉट पर अपलोड किया था। संस्थान ने कहा कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। बयान में यह भी कहा गया कि प्रशिक्षक और विभागाध्यक्ष ने छात्र की काउंसलिंग की थी और उसे भरोसा दिलाया था कि इस घटना का उसके शैक्षणिक करियर पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।

छात्र की मौत के बाद 400 से अधिक छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने की सूचना है। छात्रों ने संस्थान द्वारा घटना को संभालने के तरीके, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, छात्र प्रतिनिधित्व और कैंपस नीतियों पर सवाल उठाए। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि छात्र को अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी दी गई थी, जबकि यह दावा संस्थान के आधिकारिक बयान से अलग है।

सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं आईं। नेहा बोरा और अभिजीत डिपके ने छात्र कल्याण से जुड़े व्यापक पहलुओं को लेकर संस्थानों के रवैये की आलोचना की और सवाल उठाया कि क्या शिक्षण संस्थान छात्रों पर पड़ने वाले दबावों से पर्याप्त रूप से निपट रहे हैं।

आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे ने कहा कि एक समिति छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों के साथ-साथ छात्रों द्वारा उठाई गई व्यापक चिंताओं की जांच करेगी। पुलिस भी घटना की जांच कर रही है।


Hashtags: #MaharashtraState #Bhopal #IITBombay #StudentDeath #CampusProtest #महरषट #रजय #भपल #आईआईटबमब #छतरक