सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अंबिकापुर, छत्तीसगढ़: भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव के कथित बयान के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक विवाद उभर आया है। राज्य में बढ़ी राजनीतिक सक्रियता और भाजपा की संगठनात्मक रणनीति पर चल रही चर्चाओं के बीच इस बयान ने ध्यान खींचा है।
स्मृति ईरानी ने हाल ही में छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। वह 25 अक्टूबर को दो दिवसीय संगठनात्मक समीक्षा के लिए रायपुर पहुंचीं। दौरे के दौरान उन्होंने वरिष्ठ पार्टी नेताओं, विधायकों, सांसदों, जिला स्तर के पदाधिकारियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर पार्टी के कामकाज की समीक्षा की और आगे की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
उनके दौरे में राज्य सरकार और पार्टी संगठन के बीच समन्वय पर भी चर्चा शामिल रही। रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी ने पार्टी कार्यकर्ताओं में अनुशासन पर जोर दिया और निर्देश दिया कि प्रदेश मुख्यालय में निर्धारित बैठकों में केवल आमंत्रित सदस्य ही शामिल हों। यह समीक्षा ऐसे समय हो रही है, जब भाजपा 2028 छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले अपनी संगठनात्मक और चुनावी प्राथमिकताओं की तैयारी शुरू कर रही है।
सिंह देव और ईरानी से जुड़ा यह राजनीतिक संवाद छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी मुकाबले को एक और आयाम देता है। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बयान अक्सर शासन, संगठनात्मक प्राथमिकताओं और राजनीतिक रणनीति को लेकर व्यापक मतभेदों को सामने लाते हैं।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों से सिंह देव के बयान के सटीक शब्दों और संदर्भ की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पूर्व उपमुख्यमंत्री के नाम पर किसी विशेष आरोप या निष्कर्ष को जोड़ने से पहले मूल बयान का और सत्यापन आवश्यक है।
यह घटनाक्रम दिखाता है कि राज्यभर में मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने और संगठनात्मक उपस्थिति मजबूत करने के लिए दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक सक्रियता लगातार बनी हुई है।
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