सात साल की मन्नतों बाद मिली बेटी, स्कूल में मौत से टूटा पिता
नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार स्थित लवली हेरिटेज स्कूल में नौ वर्षीय छात्रा की अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सात साल की मन्नतों के बाद जन्मी इकलौती बेटी को खोने वाले पिता विकास ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बेटी पूरी तरह स्वस्थ थी और रोज उनके साथ बैडमिंटन खेलती थी। बुधवार सुबह भी उन्होंने उसे सामान्य स्थिति में स्कूल भेजा था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की खबर मिली।
पेशे से जिम ट्रेनर विकास ने सवाल उठाया कि बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उसे नजदीकी लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल या मैक्स अस्पताल ले जाने के बजाय लक्ष्मी नगर स्थित अस्पताल क्यों पहुंचाया गया। उनका आरोप है कि आपात स्थिति में समय गंवाने के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था की जानी चाहिए थी।
पिता ने स्कूल में डॉक्टर और मेडिकल रूम की उपलब्धता पर भी सवाल किए। उनका कहना है कि जब स्कूल तीसरी कक्षा के लिए सालाना करीब एक लाख रुपये फीस लेता है, तो वहां आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ क्यों नहीं था। उन्होंने यह भी पूछा कि घटना के समय कक्षा में केवल एक शिक्षिका मौजूद क्यों थी और अन्य सहायक कर्मचारी कहां थे।
विकास के मुताबिक, उनकी बेटी को पहले कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी नहीं थी। वह उनके साथ पार्क में बैडमिंटन खेलती थी और सक्रिय रहती थी। घटना के बाद परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की है।
फिलहाल छात्रा की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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