सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ दिल्ली: 10 लाख की भीड़ से व्यापार कैसे बढ़ेगा? व्यापारियों ने राहुल गांधी से मांगा जवाब
नई दिल्ली। दिल्ली में एक नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की महारैली को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। दीपावली के व्यस्त खरीदारी सीजन के बीच व्यापारियों ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से रैली की तारीख बदलने की अपील की है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर 20 मिनट की मुलाकात का समय मांगा है। व्यापारियों का कहना है कि अगर राहुल गांधी उन्हें समझा दें कि 10 लाख लोगों की भीड़ से कारोबार और ग्राहकों की संख्या कैसे बढ़ेगी, तो वे अपना विरोध वापस लेकर रैली का स्वागत करेंगे।
20 बाजारों के कारोबार पर असर की आशंका CTI के मुताबिक, रामलीला मैदान के एक से पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित लगभग 20 प्रमुख बाजारों के व्यापारियों को रैली के कारण परेशानी होने की आशंका है। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, करोल बाग, दरियागंज, नई सड़क और लाजपत राय मार्केट सहित कई बड़े व्यावसायिक क्षेत्र शामिल हैं।
व्यापारी संगठन का कहना है कि 31 अक्टूबर और एक नवंबर को संभावित बैरिकेडिंग, सड़क बंद होने और यातायात प्रतिबंधों से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इससे दुकानों तक पहुंचने, माल की ढुलाई और थोक कारोबार में बाधा आने की आशंका है।
10 लाख लोगों और हजारों वाहनों का अनुमान
व्यापारी संगठन ने अनुमान लगाया है कि रैली में करीब 10 लाख लोग शामिल हो सकते हैं। इतनी बड़ी भीड़ के लिए 15,000 से 20,000 वाहनों के दिल्ली पहुंचने की संभावना जताई गई है। CTI का दावा है कि इससे पुराने दिल्ली के संकरे बाजारों और आसपास की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है।
संगठन ने रैली को दीपावली के बाद कराने, 10 नवंबर के बाद की तारीख तय करने या जरूरत पड़ने पर इसे किसी अन्य बड़े मैदान में आयोजित करने का सुझाव दिया है। CTI ने संभावित कारोबार नुकसान को लेकर भी चिंता जताई है, हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन रैली के आकार और यातायात व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
व्यापारियों ने संवाद का रखा प्रस्ताव बृजेश गोयल ने अपने पत्र में कहा कि व्यापारियों का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि बैठक में प्रभावित बाजारों के प्रतिनिधि अपनी चिंताएं राहुल गांधी के सामने रखेंगे। यदि राहुल गांधी व्यापारियों को भरोसा दिलाते हैं कि रैली से कारोबार को लाभ होगा, तो संगठन विरोध वापस लेने को तैयार है। दूसरी ओर, व्यापारियों का पक्ष स्वीकार होने पर वे रैली को दीपावली के बाद कराने की मांग कर रहे हैं।
इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित रैली का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध तेज करना है। अब इस राजनीतिक कार्यक्रम के साथ त्योहारों के दौरान व्यापारिक गतिविधियों को बनाए रखने का सवाल भी चर्चा के केंद्र में आ गया है।
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