दिल्ली हाईकोर्ट में 6 नवंबर को होगी ACP मनस्वी वशिष्ठ के खिलाफ याचिका पर सुनवाई
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की निलंबित एसीपी मनस्वी वशिष्ठ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। वकीलों को कथित तौर पर धमकी देने और अपमानजनक टिप्पणियां करने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका पर 6 नवंबर को सुनवाई करने पर सहमति जताई है। याचिका में एसीपी वशिष्ठ के साथ दिल्ली पुलिस के कुछ अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
यह मामला 2 नवंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन में एसीपी वशिष्ठ भी शामिल थीं। आरोप है कि इस दौरान वकीलों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और एके-47 से गोली मारने जैसी धमकी दी गई। याचिका में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का हवाला देते हुए इन बयानों की जांच कराने की मांग की गई है।
अधिवक्ता करण बीर सिंह की ओर से दायर याचिका में केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस आयुक्त, विशेष पुलिस आयुक्त (विजिलेंस), एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और सब-इंस्पेक्टर विशाल यादव को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ स्वतंत्र और समयबद्ध जांच, आवश्यक आपराधिक एवं विभागीय कार्रवाई तथा वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इससे पहले वकीलों ने हाईकोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की थी, लेकिन अदालत ने औपचारिक याचिका दाखिल करने को कहा था। बाद में याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई तय की गई।
विवाद की पृष्ठभूमि 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस थाने में अधिवक्ता ललित बंसल के साथ हुई कथित मारपीट और पुलिस-वकील टकराव से जुड़ी है। इसके बाद एसीपी वशिष्ठ और थाना प्रभारी का तबादला किया गया था। तबादलों के विरोध में पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन के बाद गृह मंत्रालय ने वशिष्ठ को निलंबित कर दिया। मामले में लगाए गए आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।
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