नई दिल्ली: दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। दो नवंबर को आईटीओ क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 349 तक पहुंच गया। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने वाहनों की जांच तेज कर दी है और दिल्ली की सीमाओं पर विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
वायु गुणवत्ता में गिरावट के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दो नवंबर को दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू कर दिया था। इसके तहत धूल नियंत्रण, सड़कों की नियमित सफाई, पानी का छिड़काव और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए एक नवंबर से दिल्ली में बाहरी राज्यों में पंजीकृत पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर भी सख्ती की गई है। निर्धारित नियमों के अनुसार, BS-VI मानक से नीचे के ऐसे वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं है। हालांकि, इलेक्ट्रिक, सीएनजी और BS-VI मानक वाले वाहनों को छूट दी गई है। वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) की जांच भी की जा रही है।
दो नवंबर को दिल्ली की सीमाओं पर जांच के दौरान उत्तरी रेंज की ट्रैफिक पुलिस ने 7,657 वाहनों की जांच की और नियमों का पालन नहीं करने वाले 609 वाहनों को वापस भेजा। सख्त जांच के कारण दिल्ली-गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद से जुड़ी सीमाओं पर यातायात जाम की स्थिति भी बनी।
प्रशासन ने लोगों से निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने, सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग अपनाने तथा अपने वाहनों के दस्तावेज और प्रदूषण प्रमाणपत्र दुरुस्त रखने की अपील की है।
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