दिवस एक देश अनेक

आई टी डी सी न्यूज़ – मौली सक्सेना
हर वर्ष 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जाता है। मजदूरों और श्रमिकों के हमारे जीवन में महत्वपूर्ण योगदान को याद करने के लिए यह दिवस अलग-अलग जगहों में मनाया जाता है। अधिकांश देशों में श्रमिक दिवस को मजदूर दिवस और मई दिवस के रूप में भी जाना जाता है।
कुछ देश अन्य तिथियों पर मजदूर दिवस मनाते हैं। दुनिया भर में 160 से भी ज्यादा देशों में यह दिवस मनाया जाता है। मजदूर दिवस की अलग-अलग देशों में अलग-अलग कहानियाँ हैं।

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस क्यों मनाया जाता है?
मजदूर दिवस की शुरुआत मई 1886 में अमेरिका के शिकागो से हुई थी। उस समय मजदूरों से आठ घंटे से ज्यादा काम कराया जाता था और भुगतान कम दिया जाता था। उस दौरान मजदूरों ने एकजुट होकर खड़े होने और इस उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का हौसला दिखाया। उस समय हड़ताल पर जाना कई देशों में अवैध भी माना जाता था, फिर भी मजदूरों ने ट्रेड यूनियन का गठन किया और दो लाख मजदूर हड़ताल पर चले गए। उन्होंने रैलियां भी करीं और विरोध भी किया। अंततः सरकार ने उनके अनुरोध को सुना और कार्य दिवस को घटाकर 8 घंटे कर दिया। इस प्रकार इस वर्ग के प्रयासों की सराहना करते हुए यह विशेष दिन निर्धारित किया गया। मजदूर दिवस उस वर्ष के बाद से एक निर्धारित कार्यक्रम के रूप में परिवर्तित होगया।

भारत में श्रमिक दिवस की शुरुआत
भारत में, मई दिवस पहली बार 1 मई, 1923 को चेन्नई में मनाया गया था। इसकी पहल भारत में सबसे पहले भारत की लेबर किसान पार्टी ने की थी। कम्युनिस्ट नेता मलायापुरम सिंगारवेलु चेट्टियार ने सरकार से कहा था कि मजदूरों के प्रयासों के प्रतीक के रूप में 1 मई को राष्ट्रीय अवकाश होना चाहिए। तब से भारत में मजदूर दिवस पर राष्ट्रीय अवकाश होता है। इस दिन को भारत में कामगार दिवस, कामगार दिन और अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के नाम से भी जाना जाता है।

अमेरिका में पहली बार मनाया गया श्रमिक दिवस
मजदूर दिवस जो दुनिया के कई देशों में मनाया जाता है, उसकी शुरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका से हुई थी। 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में आठ घंटे के कार्यदिवस के लिए श्रमिकों के एक प्रदर्शन का आयोजन किया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान बमबारी हुई जिसमें सात पुलिस अधिकारी और चार नागरिक मारे गए। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं और यह दिन दुनिया भर में श्रमिकों के विरोध का एक वार्षिक अवसर बन गया।

इस प्रकरण के बाद अमेरिका में एक यूनियन विरोधी आंदोलन शुरू हो गया। जब अमेरिका ने मजदूर दिवस को राष्ट्रीय अवकाश बनाने का विचार करना शुरू किया, तब अमेरिकी राष्ट्रपति ग्रोवर क्लीवलैंड हेमेकर ने मई की तारीख के बजाय सितंबर में वैकल्पिक दिन चुना।

 

यूरोप में कैसे हुआ श्रमिक दिवस का प्रारम्भ
यूरोप में 1 मई ऐतिहासिक रूप से ग्रामीण पारंपरिक किसान त्त्यौहारों से जुड़ा था। लेकिन बाद में मई दिवस आधुनिक मजदूर आंदोलन से जुड़ गया। 1919 में फ्रांसीसी सरकार ने आधिकारिक तौर पर एक दिन में केवल आठ घंटे काम करने का कानून बनाया। 1936 में, मजदूर दिवस के प्रदर्शन अपने चरम पर पहुंच गए और सामाजिक मांगों का प्रतीक बन गए। मई 1936 के विरोध के बाद, लियोन ब्लम की सरकार ने महत्वपूर्ण सामाजिक उपायों को अपनाया जिसके अंतर्गत सप्ताह में 40 घंटे कार्य, सशुल्क छुट्टियों के पहले दो सप्ताह और ट्रेड यूनियन अधिकारों की मान्यता दी गयी।

कनाडा में सितम्बर में मनाया जाता है श्रमिक दिवस
कनाडा में मजदूरों की पहली परेड 1872 में ओटावा और टोरंटो में आयोजित की गई थी और बाद में उसी वर्ष श्रमिक संघों को अवैध बनाने वाले कानून को निरस्त कर दिया गया था। 1894 में आधिकारिक तौर पर कनाडा में मजदूर दिवस की छुट्टी को मान्यता दी गयी। कनाडा में सितंबर के पहले सोमवार को मजदूर दिवस मनाया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया के कुछ क्षेत्रों में मार्च में मनाया जाता है श्रमिक दिवस
ऑस्ट्रेलिया में पहला मजदूर दिवस 1 मई, 1891 को क्वींसलैंड में मनाया गया था। मजदूर दिवस पर ऑस्ट्रेलिया में सभी राज्यों और क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश होता है। यह मार्च के पहले सोमवार को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में और मार्च के दूसरे सोमवार को विक्टोरिया और तस्मानिया में मनाया जाता है।

21 अप्रैल, 1856 में मेलबर्न विश्वविद्यालय में पत्थरबाजों ने आठ घंटे के कार्य दिवस के लिए संसद भवन तक मार्च किया। सप्ताह में 48 घंटे कार्य के लिए नियोक्ताओं के साथ एक समझौता किया गया और ऑस्ट्रेलियाई श्रमिकों ने आठ घंटे कार्य दिवस का स्वागत किया। 1879 में विक्टोरियन सरकार ने कर्मचारियों के लिए बेहतर परिस्थितियों की दिशा में एक नया कदम उठाया और सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में मजदूर दिवस की तारीख मार्च में स्थानांतरित कर दी गई। 1948 से पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में श्रमिक दिवस मार्च के पहले सोमवार को मनाया जाने लगा।
जो करते हर कार्य भव्य हैं, उन्हें यह दिवस मनाना बहुत सराहनीय है।