सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: चक्रवात मुरासु का खतरा बढ़ा, 30 हजार लोगों को सुरक्षित निकालने की तैयारी
सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ / एजेंसियां, भोपाल: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात मुरासु गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। इसके खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक लगभग दो हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और निकासी अभियान जारी है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मुरासु के 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के आसपास तट पार करने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि तेज झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें तैनात की हैं। राहत शिविरों, नियंत्रण कक्षों और आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखा गया है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
ओडिशा और तमिलनाडु में भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी है।
गौरतलब है कि पूर्वी तट पर हाल ही में आए चक्रवात अर्नब से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास का काम अभी जारी है। ऐसे में मुरासु ने प्रशासन की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और मौसम विभाग तथा प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें।
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