नई दिल्ली: पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत ढहने के बाद मलबे के आसपास का माहौल बेहद दर्दनाक हो गया है। कोई अपने भाई को तलाश रहा है तो कोई बेटे को लगातार फोन कर उसकी सलामती की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है। मलबे से उठती आवाजों और बचाव दल की हलचल के बीच परिजन अपनों के बाहर आने की उम्मीद लगाए घंटों इंतजार करते रहे। कई परिवारों की आंखें अपनों की राह देखते-देखते पथरा गईं।
गली शीश महल में पांच नवंबर की सुबह करीब 9:50 बजे तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई थी। हादसे के समय वहां 10 से 15 मजदूरों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। अब तक चार लोगों को मलबे से निकाला गया है। इनमें किशोरी (40) और संजीत (45) की मौत हो गई, जबकि सहदेव चौधरी (25) और फिरोज (37) घायल हुए हैं। दोनों की हालत स्थिर बताई गई है।
इस बीच विपिन राम (42) और पंकज शर्मा (40) के परिजन उनकी तलाश में घटनास्थल और अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे। विपिन के भाई ने बताया कि ठेकेदार से सूचना मिलने के बाद उन्होंने कई बार फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। पंकज के भाई भी बचाव दल और पुलिस से लगातार जानकारी मांगते रहे।
घटनास्थल की संकरी गलियों के कारण भारी मशीनें नहीं पहुंच सकीं। एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और नगर निगम की टीमें छोटे उपकरणों और हाथों से मलबा हटाकर तलाशी अभियान चला रही हैं। हादसे के मामले में पुलिस ने तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। प्रशासन ने घटना की जांच के भी आदेश दिए हैं।
Hashtags: #DelhiState #Delhi #चावड़ी #बाजार #हादसा #अपनों #तलाश #भटकते #रहे #चावड़ीबाजारहादसाअपनों