आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : वर्ल्ड कप जीतना इंग्लैंड के लिए प्रतिष्ठा की बात है, क्योंकि इंग्लैंड डिफेंडिंग चैम्पियन के रूप में इस मेगा इवेंट में हिस्सा लेगी। वे अपना वर्ल्ड चैम्पियन का तमगा बरकरार रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इसके लिए इंग्लैंड टीम रिहर्सल और वॉर्मअप मैचों के जरिए युद्ध स्तर पर वर्ल्ड कप की तैयारी कर रही है। टीम अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी की मदद ले रही है, जिसमें डेटा एनालिसिस और वर्चुअल रियालिटी प्रमुख हैं।
इनसे खिलाड़ियों को अपनी ताकत व कमजोरी को समझने और नई रणनीति बनाने में मदद मिल रही है। AI टीमों को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनने में मदद करती है। इंग्लैंड ने भी AI और मशीन लर्निंग की मदद से टीम चुनी है। AI की मदद से उन्होंने पहले खिलाड़ियों की बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग को एनालाइज किया, ताकि उनके प्रदर्शन की जानकारी मिल सके।
फिर AI ने प्रिडिक्शन किया कि खिलाड़ी भविष्य में कैसा प्रदर्शन करेगा। इंग्लैंड ने AI के जरिए जाना कि अच्छी ओपनिंग साझेदारी किन खिलाड़ियों के बीच हो सकती है और किन खिलाड़ियों को खेल में सुधार की जरूरत है।
वर्चुअल रियलिटी से एशेज की तैयारी की थी; डेटा एनालिसिस की भी मदद ले रहे
इंग्लैंड व वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने बेलफास्ट में वर्चुअल रियलिटी हेडसेट का ट्रायल लिया था। फिर इसकी मदद से एशेज के लिए तैयारी की थी। वर्ल्ड कप में भी वर्चुअल रियलिटी की मदद से बल्लेबाजी और गेंदबाजी का अभ्यास किया। इससे उन्हें अलग-अलग कंडीशन में अलग तरह के गेंदबाजों का सामना करने में मदद मिली।
ECB के हेड ऑफ साइंस राफ ब्रैंडन का कहना है कि इस टेक्निक का पहले ही आयरलैंड के फर्स्ट क्लास खिलाड़ियों पर परीक्षण हो चुका है। इसके अलावा, खिलाड़ी अपना प्लेइंग पैटर्न जानने के लिए डेटा एनालिसिस की मदद ले रहे हैं। उदाहरण के लिए, खिलाड़ी पावरप्ले, मिडिल ओवर्स या डेथ ओवर्स में कैसा प्रदर्शन करते है, इसके लिए डेटा का इस्तेमाल कर रहे है। साथ ही, खिलाड़ी मानसिक मजबूती के लिए साइकोलॉजिस्ट से थेरेपी लेते हैं, जो उन्हें दबाव से उबारने में मदद करता है।
इंग्लैंड टीम के कप्तान जोस बटलर, वापसी कर रहे स्टोक्स टीम के एक्स-फैक्टर
इंग्लैंड की टीम जोस बटलर की कप्तानी में खेलेगी। शुरुआती स्क्वॉड में मोइन, बेयरस्टो और स्टोक्स जैसे अहम खिलाड़ी हैं। चोटिल जोफ्रा आर्चर की जगह उभरते पेसर गस एटकिंसन को चुना गया है। 25 साल के एटकिंसन ने इस बार घरेलू सीजन में प्रभाव डाला था। उन्होंने काउंटी के 5 मैचों में 20 विकेट झटके थे, जिसमें औसत 20.20 था।
स्टोक्स की संन्यास से वापसी हुई है और उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 182 रन की रिकॉर्ड इंग्लिश पारी खेलकर अपनी फॉर्म दिखा दी है। वे टीम के एक्स-फैक्टर खिलाड़ी होंगे।
इस बार इंग्लैंड टीम में सारे देसी खिलाड़ी, सिर्फ स्टोक्स ही बाहरी
इंग्लिश टीम अपने विविधता भरे स्क्वाड के लिए जानी जाती है। 2019 में इंग्लैंड को कप जिताने वाले कप्तान इयोन मोर्गन भी इंग्लिश मूल के नहीं थे। उनका जन्म आयरलैंड में हुआ था। इस बार ऐसा नहीं है। टीम इस बार देसी है। 15 सदस्यीय टीम में बेन स्टोक्स को छोड़कर बाकी सारे खिलाड़ियों का जन्म इंग्लैंड में हुआ।
भारत की स्पिन फ्रेंडली पिच होगी कड़ी चुनौती, डेविड मलान का अहम रोल
इंग्लैंड 5 अक्टूबर को पिछले रनरअप न्यूजीलैंड से अहमदाबाद में भिड़ेगी, जो वर्ल्ड कप 2023 का पहला मैच होगा। सीनियर परफॉर्मेंस एनालिस्ट रूफस बुलो के अनुसार, भारत की स्पिन फ्रेंडली पिच इंग्लैंड के लिए चुनौती होंगी।
इसलिए टीम में डेविड मलान जैसे स्पिन को खेलने में माहिर बैटर को चुना है। 2013 के बाद पेसर्स के खिलाफ वे 130 जबकि स्पिनर्स के खिलाफ 140+ की स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं।
रूफस बुलो का दावा- इंग्लैंड सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंड टीम, फिर वर्ल्ड कप जीतेगी
रूफस बुलो कहते आगे है, इंग्लैंड यकीनन मौजूदा वर्ल्ड कप की सबसे बेहतरीन ऑलराउंड टीम है। रूट, बटलर, जेसन रॉय, बेयरस्टो के रूप में टीम के पास हाई-क्वालिटी बल्लेबाज हैं। रूट ने पिछले वर्ल्ड कप में दो शतक बनाए थे जबकि बटलर विकेटकीपर है।
बेयरस्टो ने 2019 में डेब्यू टूर्नामेंट में 92.84 की स्ट्राइक रेट से रन स्कोर किए थे। टीम में अनुभवी और नए खिलाड़ियों का मिश्रण है। नेशनल सलेक्टर ल्यूक राइट ने कहा- हमने ऐसी टीम चुनी है, जिसे भरोसा है कि वह वर्ल्ड कप जीतेगी।