नई दिल्ली: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली पहुंचे उसके माता-पिता को बुधवार शाम राजघाट पर पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से हटा दिया। इस दौरान अंकिता की मां सोनी देवी की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं। उन्हें उपचार के लिए बुराड़ी स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
जानकारी के अनुसार, अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और मां सोनी देवी सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना के साथ बुधवार शाम राजघाट पहुंचे थे। उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि के सामने मुख्य द्वार के पास मौन धरना शुरू किया। उनकी मांग थी कि वर्ष 2022 में हुई अंकिता की हत्या के मामले में न्याय सुनिश्चित किया जाए और मामले से जुड़े कथित वीआईपी पहलू की भी जांच हो।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि राजघाट धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान नहीं है। उन्हें कई बार वहां से हटने के लिए कहा गया, लेकिन जब वे नहीं माने तो पुलिस ने उन्हें मौके से हटा दिया। इसी कार्रवाई के दौरान सोनी देवी की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि उनके पति और अन्य लोगों को भी वहां से ले जाया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को औपचारिक रूप से हिरासत में नहीं लिया गया था, बल्कि निर्धारित नियमों के तहत स्थल से हटाया गया। सूत्रों ने यह भी बताया कि अस्पताल में सोनी देवी और उनके पति ने चिकित्सकीय जांच कराने से इनकार कर दिया। बाद में बुराड़ी से आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा अस्पताल पहुंचे और अंकिता के माता-पिता उनके साथ चले गए।
अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को ऋषिकेश के वनंत्रा रिसॉर्ट में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
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