ITDC इंडिया/Report : Anurag Pandey*
: मध्य प्रदेश में पंचायत व निकाय चुनाव से पहले हुए सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच खीच-तान के बाद जो ये नई खबर आई कि अब इस बार फिर OBC का आरक्षण बढ़ा दिया गया है। जहा तक की ये साफ दिखाई दे रहा था की शिवराज सरकार की कोशिश थी की OBC वर्ग को आरक्षण मिले और हर तरीके से इस पंचायत चुनाव का लाभ बीजेपी को आने वाले विधानसभा चुनाव मे मिले इसी के तहत बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश जिसमे सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज सरकार को फटकार लगाई थी और कहा था की बिना OBC आरक्षण के निकाय व पंचायत चुनाव कराये जाए जिसके बाद शिवराज सरकार ने पुनर्विचार याचिका लगाई थी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर जिसमे उसे सफलता मिल गयी ।
ये वही शिवराज सरकार है जिसने साल 2021 मे पंचायत चुनाव करने के लिए एक अध्यादेश लाकर चुनाव करवा रही थी और नमाकांन व लोगो द्वारा प्रचार समाग्री छापवाने के बाद अध्यादेश वापस लेकर जनता व प्रत्याशियो के साथ एक बहुत ही बुरा मजाक किया था। प्रत्याशियो के लाखों रुपये भी व्यर्थ गए थे और अब एक बार फिर से OBC के आरक्षण के साथ सरकार ने चुनाव कराने का निर्णय लिया है और 25 मई को प्रदेश की तमाम पंचायत सीटों पर आरक्षण की प्रक्रिया संपन्न हुई जिसमे कई समान्य व OBC वर्ग की सीटें आरक्षित हो गयी है। जिससे 2021 पंचायत चुनाव मे प्रत्याशी रहे लोगों का कहना है की वो अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे है, हज़ारों लाखों रुपए खर्च करने के बाद अब सीटों का आरक्षित होना बहुत गलत है। ITDC इंडिया से बात करते हुए 2021 पंचायत चुनाव मे प्रत्याशी रहे भुवनेश्वर प्रसाद पांडेय कहते है की “पंचायत चुनाव पिछले 3 सालों से लंबित थे और ये कांग्रेस व बीजेपी दोनों पार्टियों की पंचायत चुनाव ना करवापाने की नाकामी दर्शाती है। पांडेय जी ने आगे बोलते हुए कहा की – 2021 मे बीजेपी की शिवराज सरकार ने पंचायत चुनाव के नाम पे प्रत्याशियो व जनता के साथ एक बेकर मजाक किया था, नमाकांन प्रक्रिया व प्रचार समाग्री छापवाने के बाद सरकार ने अध्यादेश वापस लेकर चुनाव कैंसल कर दिया था और हज़ारों प्रत्याशियों का काफी नुकसान हुआ था अब इस बार कई सीटें आरक्षित हो गयी है। पांडेय जी ने आगे कहा की – जनता व समस्त 2021 पंचायत चुनाव के प्रत्याशी आने वाले विधानसभा चुनाव मे इसका जवाब जरूर देंगे।
पंचायत चुनाव में 3 साल देरी और ऊपर से 2021 मे जब पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान करके चुनाव न करने मे असफल रही बीजेपी की सरकार पर जनता वैसे ही गुस्से मे है। कई लोगों ने 2021 पंचायत चुनाव मे बहुत खर्चा किया था परंतु अब उनकी सीटें आरक्षित हो जाने के कारण वे उम्मीदवार उम्मीदवारी के दावेदार नही है। जिससे उनके अंदर सरकार के खिलाफ काफी गुस्सा है। आगमी वर्ष में होने वाले विधान सभा चुनाव से पहले शिवराज सरकार ने OBC आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव करवाकर अभी से ही आरक्षित वर्ग के लोगो को आकर्षित करने में लग गई है। अब देखना ये होगा की 3 साल की देरी के बाद पंचायत चुनाव आयोजित होने का शिवराज सरकार को फायदा होगा या नुकसान।