सीएनएन सेंट्रल न्यूज एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज भोपाल: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब नई दिल्ली में बुलाई गई एक अहम संसदीय बैठक में पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से केवल तीन ही पहुंचे, जबकि सभी सदस्यों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया गया था। कम उपस्थिति ने पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी और महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़े विभाजन की अटकलों को तेज कर दिया है।
यह बैठक ऐसे समय बुलाई गई थी, जब “ऑपरेशन टाइगर” की खबरें सामने आ रही थीं। इसे शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना गुट के साथ जाने के लिए राजी करने की कथित कोशिश बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं को उम्मीद थी कि यह जुटान एकजुटता का प्रदर्शन करेगा और दलबदल की अफवाहों पर विराम लगाएगा, लेकिन छह सांसदों की गैरमौजूदगी ने उलटे अंदरूनी विभाजन की चिंताओं को और बढ़ा दिया।
शिवसेना (यूबीटी) नेताओं ने कहा है that party remains intact and have warned of disciplinary action against lawmakers who ignore official directives.
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