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उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित केदारताल ट्रैक पर हुए भीषण हिमस्खलन ने लखनऊ के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में लखनऊ निवासी दो सगी बहनों दीपिका वर्मा (29) और वर्तिका वर्मा (28) की बर्फ में दबने से मौत हो गई। बुधवार को रेस्क्यू टीम ने दोनों के शव बरामद किए। गुरुवार को शव घर पहुंचने पर परिवार में मातम छा गया।
दोनों बहनें 27 अक्टूबर को 12 सदस्यीय ट्रेकिंग दल के साथ केदारताल के लिए रवाना हुई थीं। भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के बाद दल के आठ सदस्य लापता हो गए थे। परिवार का आरोप है कि ट्रेकिंग एजेंसी ने हादसे की जानकारी समय पर नहीं दी। परिजनों को एक नवंबर को सोशल मीडिया के जरिए घटना का पता चला, जिसके बाद भाई अतुल वर्मा अन्य परिजनों के साथ उत्तरकाशी पहुंचे।
दोनों बेटियों को खोने वाले पिता श्री नारायण वर्मा ने ट्रेकिंग एजेंसी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लखनऊ के सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संकट की घड़ी में मदद की। यदि उनका सहयोग नहीं मिलता तो शायद बेटियों के अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाते। उन्होंने उत्तरकाशी प्रशासन और जिलाधिकारी का भी आभार जताया।
पिता ने बताया कि दोनों बेटियों को पहाड़ों और ट्रेकिंग का बेहद शौक था। वे पहले भी कई कठिन ट्रेक पूरे कर चुकी थीं। परिवार ने इस हादसे की जिम्मेदारी तय करने और ट्रेकिंग एजेंसी की भूमिका की जांच की मांग उठाई है।
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