सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद के बीच तुकाराम मुंढे को मामले की जिम्मेदारी सौंपे जाने की खबर सामने आई है। इस घटनाक्रम के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, मामले में दोषियों की पहचान और आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।
पेपर लीक की आशंका ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर अभ्यर्थियों की चिंताएं बढ़ा दी थीं। छात्रों की मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। परीक्षा में मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए इस तरह की शिकायतों पर समयबद्ध और पारदर्शी कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सरकार ने जांच आयोग के गठन और अन्य मांगों पर सहमति जताई है। आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दिलीप भोसले करेंगे, जबकि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को सचिव बनाया गया है। आयोग को करीब 60 दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने का लक्ष्य दिया गया है। इसके साथ ही MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने जांच पूरी होने तक अवकाश पर जाने की घोषणा की है। छात्रों ने सरकार के आश्वासन के बाद करीब 10 दिनों से जारी आंदोलन समाप्त कर दिया। अब जांच के जरिए पेपर लीक के आरोपों, भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी। इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
Hashtags: #Education #Bhopal #Mpsc #एनएन #टवर #आईट #खबर #घटन #अपन #MPSCपपरल