सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: ईरान पर हमले को लेकर ट्रंप-नेतन्याहू में मतभेद, कूटनीति को और समय देना चाहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति
सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ / एजेंसियां, भोपाल: ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच रणनीतिक मतभेद उभरकर सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हाल ही में हुई टेलीफोन बातचीत में ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य अभियान शुरू करने के समय और रणनीति पर चर्चा हुई। इस बातचीत को लेकर दोनों देशों के सूत्रों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू चाहते हैं कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद ईरान पर सैन्य हमला करे। इजरायल का मानना है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई में देरी से उसे अपनी सैन्य और रणनीतिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिल सकता है। वहीं, ट्रंप फिलहाल सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक बातचीत को अधिक समय देने के पक्ष में हैं।
ट्रंप का मानना है कि ईरान के साथ बातचीत के जरिए समझौते की संभावना अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका बातचीत के साथ सैन्य विकल्प भी तैयार रख रहा है। उनका कहना है कि अमेरिका को ईरान के कुछ परमाणु ठिकानों से जुड़ी चिंताओं का समाधान करना है, लेकिन इसके लिए तत्काल युद्ध जरूरी नहीं है।
हमले को टालने के पीछे क्षेत्रीय संघर्ष के व्यापक परिणाम, अमेरिकी हितों और कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। इस बीच कतर के मध्यस्थ ईरान के अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं, ताकि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता दोबारा शुरू हो सके।
इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि वाशिंगटन फिलहाल बातचीत और सैन्य तैयारी, दोनों रास्ते खुले रखना चाहता है, जबकि इजरायल जल्द कार्रवाई के लिए दबाव बना रहा है।
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