सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ऊर्जा व्यापार और बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर किए जा रहे हमले कीमतों को अपने नियंत्रण में रखने की सोची-समझी रणनीति हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय उत्पादन की कमी से नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति में अनिश्चितता, व्यवधान, बढ़ती कीमतों और ईंधन तक पहुंच की चुनौतियों से जूझ रही है।

जयशंकर ने शुक्रवार को अमेरिका के अटलांटा में आयोजित G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में यह मुद्दा उठाया। यह बैठक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मेजबानी में हुई। जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा बाजारों को खुला, स्थिर और भरोसेमंद बनाए रखने के लिए G20 देशों को सामूहिक नेतृत्व दिखाना होगा। प्रतिबंधों और समुद्री रास्तों की बाधाओं पर सवाल विदेश मंत्री ने कहा कि प्रतिबंधों, व्यापारिक रुकावटों और ऊर्जा परिवहन के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर पैदा हो रही बाधाओं से वैश्विक बाजार लगातार प्रभावित हो रहे हैं। इन व्यवधानों की आवृत्ति और जटिलता बढ़ रही है, जबकि उनका असर पहले से अधिक देशों तक पहुंच रहा है।

उन्होंने तेल और गैस के कारोबार में अलग-अलग नियमों तथा चुनिंदा छूट दिए जाने पर भी सवाल उठाए। जयशंकर ने कहा कि वैश्विक बाजार में एक देश की नीतियों का असर दूसरे देशों पर भी पड़ता है। इसलिए ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े फैसलों के व्यापक परिणामों और देशों की परस्पर निर्भरता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

कम आय वाले देशों पर पड़ रहा अधिक असर जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं और महंगाई का सबसे अधिक दबाव कम आय वाले देशों पर पड़ता है। ऐसे देशों के पास महंगे ईंधन का बोझ उठाने के सीमित संसाधन होते हैं। उन्होंने G20 से आग्रह किया कि ऊर्जा बाजारों को स्थिर रखने के साथ विकासशील देशों की जरूरतों को भी प्राथमिकता दी जाए।

भारत के लिए LPG की भरोसेमंद आपूर्ति जरूरी विदेश मंत्री ने भारत की ऊर्जा जरूरतों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छ खाना पकाने की व्यवस्था के लिए देश को एलपीजी की नियमित और भरोसेमंद आपूर्ति की आवश्यकता है। उन्होंने भारत के राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन का भी उल्लेख किया, जिसके तहत खनिजों की खोज से लेकर उनके पुनर्चक्रण तक पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है।

जयशंकर ने G20 के सामने महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण से जुड़ी पहल का प्रस्ताव रखा। साथ ही ऊर्जा भंडारण, छोटे मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर, हरित हाइड्रोजन और जैव ईंधन जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने की जरूरत बताई। कूटनीति से समाधान निकालने पर जोर जयशंकर ने वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देने की बात भी कही। उन्होंने समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और जहाजों पर हमलों को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, ऊर्जा सुरक्षा केवल तेल और गैस की उपलब्धता का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध वैश्विक अर्थव्यवस्था, खाद्य और उर्वरक आपूर्ति तथा आम लोगों की आर्थिक स्थिति से भी है।


Hashtags: #WorldInternational #Bhopal #ऊर्जा #ठिकानों #हमले #कीमतों #नियंत्रित #भोपाल #दिल्ली #ऊर्जाठिकानोंपरहमले