सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: वॉशिंगटन। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए उम्मीदवारों ने सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रमों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। कोई भारतीय रेस्तरां में डोसा बनाकर लोगों से जुड़ रहा है, तो कोई मंदिरों में पहुंचकर धार्मिक आयोजनों और दिवाली समारोह में हिस्सा ले रहा है। कड़े मुकाबले वाले चुनावी क्षेत्रों में भारतीय मूल के मतदाताओं की भूमिका को देखते हुए उम्मीदवारों का यह संपर्क अभियान तेज हो गया है।
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने बनाया मसाला डोसा टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेट उम्मीदवार जेम्स तलारिको ने डलास के उपनगर इरविंग स्थित एक भारतीय रेस्तरां में डोसा बनाने की कोशिश की। उन्होंने गर्म तवे पर डोसे का घोल फैलाया, उसमें मसालेदार आलू की भरावन डाली और तैयार डोसे को केले के पत्ते पर परोसा। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। तलारिको का मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन से है। टेक्सास में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की अच्छी मौजूदगी को देखते हुए इस तरह के कार्यक्रम चुनावी संपर्क का हिस्सा बन रहे हैं।
मंदिरों और दिवाली समारोहों में नेताओं की मौजूदगी कनेक्टिकट के गवर्नर नेड लैमॉन्ट ने राज्य की राजधानी में आयोजित दिवाली समारोह में हिस्सा लिया। ओहायो के सांसद ग्रेग लैंड्समैन शेरॉनविल स्थित बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर के 11वें पाटोत्सव में शामिल हुए। न्यू जर्सी के सीनेटर कोरी बुकर ने अक्षरधाम मंदिर में दिवाली समारोह में भाग लिया। वहीं, पेंसिल्वेनिया के सांसद रैंडी फाइन और स्कॉट पेरी भी हैरिसबर्ग के एक मंदिर पहुंचे। मिशिगन के सांसद जॉन जेम्स ने स्वामीनारायण मंदिर जाकर वहां की परंपराओं और सामुदायिक सेवा गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
क्यों अहम हैं भारतीय-अमेरिकी मतदाता? अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी कैलिफोर्निया, टेक्सास, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, इलिनॉय, पेंसिल्वेनिया और जॉर्जिया जैसे राज्यों में है। जॉर्जिया, पेंसिल्वेनिया, मिशिगन और नॉर्थ कैरोलिना जैसे चुनावी मुकाबलों वाले राज्यों में मामूली मतांतर भी नतीजों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में उम्मीदवार सांस्कृतिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और सीधे संवाद के माध्यम से समुदाय के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों के लिए मतदान होता है। इसके साथ कई राज्यों में गवर्नर और स्थानीय प्रतिनिधियों के चुनाव भी होते हैं। इस बार भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए उम्मीदवारों की गतिविधियां चुनाव प्रचार में सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय समुदायों के महत्व को भी सामने ला रही हैं।
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