नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली चीन की कंपनी बीवाईडी (BYD) ने हाल ही में भारत में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च की थी। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कार मार्केट है और इलेक्ट्रिक कार बाजार में फिलहाल टाटा मोटर्स का दबदबा है। माना जा रहा था कि चीन की कंपनी टाटा के दबदबे को चुनौती दे सकती है। लेकिन अमेरिका के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे (Warren Buffett) ने इस चीनी कंपनी को तगड़ा झटका दिया है। बफे इस कंपनी में अगस्त से पांच बार अपनी हिस्सेदारी बेच चुके हैं। इससे पहले उन्होंने 14 साल तक इस कंपनी में अपने निवेश को बरकरार रखा था। अब बीवाईडी में उनकी हिस्सेदारी 15.99% रह गई है।

बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) ने पिछले हफ्ते बीवाईडी के 32 लाख शेयर बेचे। चीन की यह ऑटो कंपनी हॉन्गकॉन्ग में लिस्टेड है। बर्कशायर हैथवे नवंबर में तीन बार इस चीनी कंपनी के शेयर बेच चुकी है। अगस्त में जब कंपनी ने पहली बार शेयर बेचे थे तो उसके पास 22.5 करोड़ शेयर थे। बफे की कंपनी ने 2008 में बीवाईडी के शेयर 1.02 डॉलर के भाव पर खरीदे थे और कुल 23 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। तब ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के कारण कंपनी के शेयर रेकॉर्ड लो पर पहुंच गए थे।