सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के बाद अगर रिफंड अभी तक बैंक खाते में नहीं आया है, तो घबराने के बजाय कुछ जरूरी चीजों की जांच करनी चाहिए। आयकर विभाग के अनुसार रिफंड की प्रक्रिया आईटीआर के ई-वेरिफिकेशन के बाद शुरू होती है और सामान्य तौर पर रिफंड आने में करीब 4 से 5 सप्ताह लग सकते हैं।

सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर ITR Status चेक करें। अगर रिटर्न अभी तक ई-वेरिफाई नहीं हुआ है, तो उसकी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। विभाग के मुताबिक रिटर्न दाखिल करने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन या आईटीआर-वी जमा करना होता है। रिफंड अटकने की एक बड़ी वजह बैंक खाते से जुड़ी गलती हो सकती है। जिस खाते में रिफंड लेना है, वह ई-फाइलिंग पोर्टल पर वैलिडेट होना चाहिए। बैंक खाते में दर्ज नाम का पैन से मेल न खाना, गलत आईएफएससी कोड या बंद बैंक खाता होने पर रिफंड फेल हो सकता है। इसके अलावा आईटीआर में दी गई आय, टीडीएस और अन्य जानकारी को एआईएस और टैक्स रिकॉर्ड से मिलाना चाहिए। विभाग की ओर से किसी विसंगति या सूचना के लिए ई-मेल और ई-फाइलिंग पोर्टल पर नोटिस भी जांचें। अगर रिफंड जारी होकर फेल हो गया है, तो वैलिडेटेड बैंक खाते के जरिए पोर्टल पर Refund Reissue अनुरोध किया जा सकता है।


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