सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : यूपीआई चार्ज के असर से पेट्रोल पंपों पर बढ़ी कैश की मांग

नई दिल्ली। यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) का असर पेट्रोल पंपों पर दिखाई देने लगा है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ पेट्रोल पंपों पर ₹2,000 से अधिक के भुगतान के लिए नकद भुगतान को प्राथमिकता देने वाले पोस्टर लगाए गए हैं। राजस्थान के अलवर समेत कुछ जगहों पर ग्राहक बड़े यूपीआई भुगतान से बचते हुए नकद या छोटे-छोटे डिजिटल भुगतान का विकल्प अपना रहे हैं। नए यूपीआई ढांचे के तहत 15 अक्टूबर से पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन भुगतानों पर ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन के लिए प्रति लेनदेन ₹5 का एमडीआर लागू होगा। यह शुल्क व्यापारी यानी पेट्रोल पंप संचालक पर होगा, ग्राहक पर सीधे नहीं। ₹2,000 तक के भुगतान इस व्यवस्था से प्रभावित नहीं होंगे।

पेट्रोल पंप डीलरों का कहना है कि ईंधन कारोबार में मार्जिन सीमित होता है और अतिरिक्त शुल्क का असर उनकी लागत पर पड़ सकता है। कई राज्यों में डीलर संगठनों ने सरकार से पेट्रोल पंपों को इस शुल्क से छूट देने की मांग की है। कुछ संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांग नहीं मानी गई तो वे ₹2,000 से अधिक के यूपीआई भुगतान स्वीकार करना बंद कर सकते हैं। इस बीच, सरकार ने स्पष्ट किया है कि एमडीआर कर नहीं है और ग्राहकों से इसे अलग से वसूलने का प्रावधान नहीं है। सरकार के अनुसार, करीब 96 प्रतिशत व्यापारी लेनदेन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे। हालांकि, पेट्रोल पंप संचालकों की चिंताओं के चलते बड़े ईंधन भुगतान में नकद इस्तेमाल बढ़ने की संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है।


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