सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, ई-कॉमर्स और इंटरनेट आधारित सेवाओं के तेज विस्तार के साथ डिजिटल धोखाधड़ी बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। साइबर अपराधी इसी विस्तार का फायदा उठाकर लोगों को वित्तीय ठगी का शिकार बना रहे हैं।
ऐसी धोखाधड़ी में फिशिंग संदेश, फर्जी कस्टमर-केयर नंबर, निवेश के झूठे प्रस्ताव, पहचान की चोरी, संदिग्ध लिंक और किसी व्यक्ति या संस्था का रूप धरकर की जाने वाली ठगी शामिल हो सकती है।
इन अपराधों की रोकथाम और उन पर त्वरित कार्रवाई के लिए सरकारी एजेंसियों, बैंकों, तकनीकी कंपनियों, कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और नागरिकों के बीच समन्वित प्रयास जरूरी माने जा रहे हैं। धोखाधड़ी वाले लेनदेन और संदिग्ध खातों से जुड़ी सूचनाओं को साझा करने से एजेंसियों को पैटर्न पहचानने और तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
आम उपयोगकर्ताओं के लिए बुनियादी डिजिटल सुरक्षा अब भी सबसे मजबूत बचाव है। लोगों को वन-टाइम पासवर्ड, पिन, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान कॉल, संदेश और भुगतान अनुरोधों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है। संदिग्ध लिंक और अनजान एप्लिकेशन से भी बचना चाहिए।
Hashtags: #BusinessEconomy #Bhopal #DigitalFraud #CyberCrime #OnlineBanking #DigitalPayments #बजनस #अरथवयवसथ #भपल #डजटलध