सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। Kapiva ने आयुष मंत्रालय के तहत स्वायत्त शोध संस्था Central Council for Research in Ayurvedic Sciences (CCRAS) के साथ रणनीतिक तकनीक-हस्तांतरण और व्यावसायीकरण साझेदारी की है। इस सहयोग का उद्देश्य चिकित्सकीय रूप से मूल्यांकित आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन और तकनीकों को व्यापक उपभोक्ता आधार तक पहुंचाना है।
समझौते के तहत CCRAS, Kapiva को चयनित आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन, वैज्ञानिक बौद्धिक संपदा, मानकीकरण और विनिर्माण प्रोटोकॉल के साथ प्री-क्लिनिकल और क्लिनिकल शोध डेटा उपलब्ध कराएगा। शुरुआती सहयोग में 10 उत्पाद शामिल हैं, जिनका फोकस दर्द, तनाव, मेटाबॉलिक स्वास्थ्य, नींद, लिवर स्वास्थ्य और श्वसन स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर रहेगा।
Kapiva उत्पाद विकास और व्यावसायीकरण की जिम्मेदारी संभालेगा। इसमें फॉर्मूलेशन अनुकूलन, बड़े पैमाने पर विनिर्माण, ब्रांडिंग और वितरण शामिल हैं। कंपनी इन फॉर्मूलेशन को उपभोक्ताओं के लिए अधिक सुविधाजनक स्वरूपों में ढालने की योजना बना रही है, जिसमें स्वाद, शेल्फ लाइफ, डोजेज फॉर्म और उपयोग की सहजता जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा। घोषणा के अनुसार, जहां डोजेज फॉर्म बदले जाएंगे, वहां उपयुक्त डोज-इक्विवेलेंस अध्ययन की योजना है।
CCRAS का कहना है कि उसके शोध कार्यक्रमों में आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन का वैज्ञानिक सत्यापन, मानकीकरण, प्री-क्लिनिकल अध्ययन और क्लिनिकल रिसर्च शामिल हैं। संस्था का फार्मास्युटिकल रिसर्च कार्यक्रम विकसित आयुर्वेदिक दवाओं के तकनीक हस्तांतरण को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली तक पहुंचाने में भी मदद करता है।
इस साझेदारी का लक्ष्य सार्वजनिक रूप से विकसित आयुर्वेदिक शोध को निजी क्षेत्र के उत्पाद विकास और वितरण से जोड़ना है, जिससे शोध-समर्थित चयनित फॉर्मूलेशन आधुनिक उपभोक्ता स्वरूपों में उपलब्ध हो सकें।
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