सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : EPF से जुड़े कर्मचारियों के लिए नए नियमों में एक अहम आपातकालीन प्रावधान जोड़ा गया है। Employees’ Provident Funds Scheme, 2026 के तहत महामारी, एंडेमिक या राष्ट्रीय आपदा जैसी असाधारण परिस्थितियों में केंद्र सरकार नियोक्ता और कर्मचारी के EPF योगदान को कुछ समय के लिए घटाने या टालने का आदेश दे सकती है।

नियम के मुताबिक, योगदान में यह राहत एक बार में अधिकतम तीन महीने तक दी जा सकती है। सरकार जरूरत के अनुसार कर्मचारी का योगदान, नियोक्ता का योगदान या दोनों को कम अथवा स्थगित कर सकती है। इसका उद्देश्य गंभीर संकट के दौरान कर्मचारियों और संस्थानों पर पड़ने वाले वित्तीय दबाव को कम करना है। हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में EPF योगदान की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया है। सामान्य तौर पर कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान 12 प्रतिशत की दर से जारी रहता है। कुछ अधिसूचित प्रतिष्ठानों के लिए 10 प्रतिशत की दर का प्रावधान भी कायम है। इसका मतलब यह है कि हर कर्मचारी का PF योगदान अचानक कम नहीं होगा। कटौती या स्थगन तभी लागू होगा जब केंद्र सरकार किसी महामारी, एंडेमिक या राष्ट्रीय आपदा की स्थिति में इसके लिए विशेष आदेश जारी करेगी।


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