सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। कावेरी हॉस्पिटल ने चेन्नई में एंडोस्कोपिक स्पाइनल फ्यूजन की शुरुआत की है। इसके साथ अस्पताल ने डिस्क से जुड़ी स्थितियों और रिविजन स्पाइन सर्जरी की जरूरत वाले मरीजों के लिए कम चीरे वाली उपचार सुविधाओं का दायरा बढ़ाया है।

इस प्रक्रिया में एंडोस्कोपिक तकनीकों के जरिए प्रभावित हिस्से तक पहुंचा जाता है। पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में इसमें छोटे चीरे लगाए जाते हैं। अस्पताल के अनुसार, यह तरीका सर्जरी के दौरान लक्षित उपचार में मदद कर सकता है और ऊतकों में होने वाली छेड़छाड़ को सीमित रखने की संभावना रखता है।

अस्पताल ने बताया कि यह तकनीक खास तौर पर उन चुनिंदा मरीजों के लिए प्रासंगिक है, जिन्हें डीजेनेरेटिव डिस्क संबंधी समस्याएं हैं, या जिनकी पहले हो चुकी रीढ़ की सर्जरी के बाद दोबारा सर्जरी की जरूरत है। जटिल स्पाइन मामलों के आकलन में ऐसी उन्नत कम चीरे वाली तकनीकें सर्जनों को एक और विकल्प उपलब्ध कराती हैं।

एंडोस्कोपिक स्पाइनल फ्यूजन की शुरुआत रीढ़ की देखभाल में तकनीक-सहायित और कम इनवेसिव प्रक्रियाओं के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाती है। हालांकि, ऐसी सर्जरी के लिए मरीज का सावधानी से चयन और विस्तृत क्लिनिकल आकलन जरूरी होता है, ताकि यह तय किया जा सके कि संबंधित मरीज की स्थिति में यह प्रक्रिया उपयुक्त है या नहीं।

अस्पताल की यह नई सुविधा चेन्नई में उसकी स्पाइन-केयर क्षमताओं को मजबूत करने और मरीजों को घर के नजदीक उन्नत सर्जिकल तकनीकों तक पहुंच देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

स्पाइन सर्जरी में कम इनवेसिव तरीकों की मांग बढ़ने के बीच एंडोस्कोपिक फ्यूजन की शुरुआत डिस्क रोग और रिविजन प्रक्रियाओं के सर्जिकल उपचार में एक और विकास है। अंतिम उपचार का फैसला मरीज के व्यक्तिगत निदान और योग्य स्पाइन विशेषज्ञों के मूल्यांकन पर निर्भर करेगा।


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