सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ दिल्ली : नई दिल्ली। महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। राज्य में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के आरोपों पर सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग, केंद्र सरकार, महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता अरुण आनंदगिरी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार ने पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लगभग 33 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायत है। याचिका में पुणे और कुछ अन्य इलाकों में करीब 40.6 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से गायब होने का भी दावा किया गया है। हालांकि, ये आंकड़े याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए गए हैं और इनकी पुष्टि होना बाकी है।
पुनर्विकास परियोजनाओं से बढ़ी चिंता
सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि मुंबई और पुणे में लगभग 3,500 पुनर्विकास परियोजनाओं के कारण कई पुरानी इमारतें और आवासीय कॉलोनियां तोड़ी जा रही हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में लोगों को अपने पुराने पते छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पते की जानकारी नहीं मिलने या रिकॉर्ड में विसंगतियों के कारण ऐसे मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का खतरा है।
फॉर्म-6 को लेकर भी उठे सवाल याचिकाकर्ता ने उन मतदाताओं से फॉर्म-6 भरवाने पर आपत्ति जताई, जिनके नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज थे। उनका तर्क है कि यह फॉर्म नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए है और पुराने मतदाताओं के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए। अदालत से दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने तथा अंतिम सूची जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का अनुरोध भी किया गया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल समयसीमा बढ़ाने या अंतिम सूची पर रोक लगाने का तत्काल आदेश नहीं दिया। पीठ ने कहा कि जरूरत महसूस होने पर समयसीमा बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।
निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 16 नवंबर 2026 को निर्धारित है। अब 5 नवंबर की सुनवाई में अदालत संबंधित पक्षों का जवाब सुनकर आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी।
Hashtags: #MaharashtraState #Delhi #महाराष्ट्र #मतदाता #सूची #विवाद #सुप्रीम #कोर्ट #मांगा #महाराष्ट्रमेंमतदातासूची