सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। श्री महावीर जी जैन मंदिर के प्रबंधन और उससे जुड़े धार्मिक अधिकारों को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामला मंदिर के प्रशासन, पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं के विभिन्न पहलुओं पर श्वेतांबर और दिगंबर जैन संप्रदायों के बीच मतभेद से जुड़ा है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों जैन संप्रदायों के प्रतिनिधियों को आपसी सौहार्द बनाए रखने और मतभेदों को सहमति से सुलझाने की संभावनाएं तलाशने की सलाह दी। अदालत ने कहा कि धार्मिक समुदायों के बीच विवाद बढ़ना नहीं चाहिए और आपसी समझ श्रद्धालुओं तथा जैन समाज के व्यापक हित में होगी।

श्री महावीर जी मंदिर को जैन समाज का प्रमुख धार्मिक और तीर्थ केंद्र माना जाता है, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी कारण इसके प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद दोनों संप्रदायों के अनुयायियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट की सलाह को दोनों समुदायों के बीच संवाद को बढ़ावा देने और आगे किसी तरह के तनाव को रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अंतिम फैसला सुरक्षित रखे जाने के बावजूद अदालत की टिप्पणियां धार्मिक संस्था की पवित्रता बनाए रखने और संबंधित पक्षों के दावों के बीच संतुलन की जरूरत को रेखांकित करती हैं।

आने वाले फैसले से मंदिर के प्रशासन और धार्मिक अधिकारों से जुड़ी कानूनी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। श्रद्धालु और समुदाय के प्रतिनिधि अब सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।


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